هوس ها میدمد زین باغ جوش گل تماشا کن
هوس ها میدمد زین باغ جوش گل تماشا کن
امل آشفته است آرایش سنبل تماشا کن
ҳус ҳо мӣ-дамад зин боғ ҷуш гул тамошо кан
амал ошафта аст оройаш санабал тамошо кан
تعلقهاست یکسر حلقهٔ زنجیر سودایت
دو روزی گر هوس دیوانهای غلغل تماشا کن
таъалқаҳост йакасар ҳалқа занҷири судойт
ду рузи гар ҳус дивона-эй ғалағал тамошо кан
گر آگاهی ز زخم دل مباش از ناله هم غافل
به عرض خندهٔ گل شیون بلبل تماشا کن
гар огоҳи з захам дил мабош аз нола ҳам ғофал
ба ъарз ханда гул шиван балабал тамошо кан
سواد نسخهٔ تحقیق اگر چشمت کند روشن
ز هر جزو محقر انتخاب گل تماشا کن
савод насаха таҳақиқ агар чашмат канд рушан
з ҳар ҷазу маҳақар анатахоб гул тамошо кан
به جیب هر بن مو جلوهٔ خاصیست خوبی را
اگر چشم است وگر رخسار وگر کاکل تماشا کن
ба ҷиб ҳар бан му ҷалуа хоси-ст хоби ро
агар чашм аст вагар рахасор вагар кокал тамошо кан
ز بال و پر چه حاصل گر ندیدی عرض پروازی
در آب و رنگ اینگلزار بوی گل تماشا کن
з бол ва пур ча ҳосал гар ндиди ъарз паравози
дар об ва ранг ин-галазор бавай гул тамошо кан
تپیدنهای دل صد رنگ شور بیخودی دارد
دهان شیشهای واکردهای قلقل تماشا کن
тапиданаҳой дил сад ранг шур биходи дорад
даҳон шиша-эй вокарда-эй қалқал тамошо кан
کهن شد سیر گل در عالم نیرنگ خودداری
کنون از خود برآ، آشفتن سنبل تماشاکن
каҳан шуд сир гул дар олам ниранг ходадори
канун аз худ баро, ошафтан санабал тамошокан
چه حسرتها که دارد نردبان قامت پیری
عروج موج سیلاب از سر این پل تماشا کن
ча ҳасарт-ҳо ки дорад нардабон қомат пири
ъаруҷ мавҷ силоб аз сар ин пал тамошо кан
به هشیاری ندارد هیچکس آسودگی بیدل
دمی بیخود شو و کیفیت این مل تماشا کن
ба ҳашиори надорад ҳичакас осудаги бидел
дами биход шу ва кифит ин мал тамошо кан
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- جلوه
- آشکارشدن زیبایی یا حقیقت در صورت دیدنی.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- سیر
- گشت و سفر؛ سلوک و سیرِ معنویِ جان در راهِ حق.