تا کاتب ایجادم نقش من و ما بندد
تا کاتب ایجادم نقش من و ما بندد
چون صبح دم فرصت مسطر به هوا بندد
то котаб айаҷодам нақш ман ва мо бандад
чун субҳ дам фарсат мастар ба ҳаво бандад
این مبتذل اوهام پر منفعلم دارد
مضمون نفس وحشیست کس تا به کجا بندد
ин мабатазал авҳом пур манафаъалм дорад
мазмун нафас ваҳаши-ст кас то ба-каҷо бандад
ازشبنم ما زبن باغ طرفی نتوان بستن
خونی که به این رنگست دست که حنا بندد
азашабанам мо забан боғ тарфи натавон бастан
хони-ки ба ин рангаст даст-ки ҳано бандад
سرگشتهٔ سوداییم تاکی هوس دستار
کم نیست اگر هستی مو بر سر ما بندد
сарагашта судойайам токи ҳус дастор
кам нест агар ҳастӣ му бар сар мо бандад
بیسعی فنا ظالم ازخشم نپوشد چشم
آتش ته خاکستر احرام حیا بندد
бе-саъи фано золм азахашм напушад чашм
оташ та хокастар аҳаром ҳио бандад
نقش بد و نیک آسان از دل نتوان شستن
آیینه مگر زنگار بر روی صفا بندد
нақш бд ва ник осон аз дил натавон шастан
оина магар зангор бар равай сафо бандад
در عذر اجابت کوش گر حرص گداطینت
ابرام تمنایی بر دست دعا بندد
дар ъазар аҷобат куш гар ҳарс-гадотинат
абаром таманойай бар даст даъо бандад
زحمتکش این منزل تا وارهد از آفات
دیوار و دری گر نیست باید مژهها بندد
заҳаматакаш ин маназал то вораҳад аз офот
дивор ва дари гар нест бойд мажа-ҳо бандад
تمثالی ازین صحرا جز خاک نمایان نیست
کو آبله تا عبرت آیینه به پا بندد
тамасоли азин саҳаро ҷуз хок намойон нест
ку обала то ъабарт оина ба по бандад
واپس نپسندد عشق افسردگی ما را
گر سکته تامل کرد بحرش چه جدا بندد
вопас напасандад ишқ афасардаги мо ро
гар сакта томал-кард баҳараш ча ҷадо бандад
عالم همه موهومیست بگذار که بیدل هم
چون تهمت موهومی خود را همه جا بندد
олам ҳама муҳуми-ст багазор ки бидел ҳам
чун таҳамат муҳуми худ ро ҳама ҷо бандад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.