حسنی که یادش آینهٔ حیرت آب داد
حسنی که یادش آینهٔ حیرت آب داد
زان رنگ جلوه کرد که داد نقاب داد
ҳасани ки йодаш оина ҳайрат об дод
зон ранг ҷалуа кард ки дод нқоб дод
هرجا بهار جلوه او در نظر گذشت
شکی که سر زد از مژه بویگلاب داد
ҳараҷо бҳор ҷалуа ав дар назар газашт
шаки-ки сар зд аз мажа бавай-галоб дод
یک -جلوه داشت عاشق ومعشوق پیش این
خون گردد امتیاز که عرض حجاب داد
як -ҷалуа дошт ъошақ вамаъашуқ пиш ин
хон-гардад аматиоз ки ъарз ҳаҷоб дод
پرواز شوق از عرق شرمگل نکرد
خاکم غبارهای تپیدن به آب داد
паравоз шуқ аз ъарақ шарм-гул накард
хокам ғабораҳой тапидан ба об дод
از حرص این قدر غم سباب می کشم
لبتشنگی سرم به محیط سراب داد
аз ҳарс ин қадар ғам сабоб мӣ кашм
лаб-ташанги сарам ба маҳит сароб дод
آخر ز گریه نشئهٔ شوقم بلند شد
اشک آنقدر چکید که جام شراب داد
охар з гариа нашиа шуқам баланд шуд
ашак онақадар чакид ки ҷом шароб дод
زان گلستان که رنگ گلش داغ لاله است
نشکفت غنچهای که نه بویکباب داد
зон галастон ки ранг галаш доғ лола аст
нашакафт ғанача-эй ки на бавай-кабоб дод
کمفرصتی به عرض تماشای این محیط
آیینهٔ خیال به دست حباب داد
кам-фарсати ба ъарз тамошой ин маҳит
оина хаёл ба даст ҳабоб дод
از بس که معنیام رقمی جز هوا نداشت
گردون به نقطهٔ شررم انتخاب داد
аз бас ки маъани-ам рақами ҷуз ҳаво ндошт
гардун ба нақата шарарм анатахоб дод
داغم ز رشک منتظری کز هجوم شوق
جان داد اگر به قاصد جانان جواب داد
доғам з рашак манатазари каз ҳаҷум шуқ
ҷон дод агар ба қосад ҷонон ҷавоб дод
چون صبح در معاملهٔ گیر و دار عمر
چندان نهایم ساده که باید حساب داد
чун субҳ дар маъомала-гир ва дор умр
чандон на-айам сода ки бойд ҳасоб-дод
بیدل ز آبروطلبی دست شستهایم
کاین آرزو بنای دو عالم به آب داد
бидел з обаруталаби даст шаста-айам
койан орзу баной ду олам ба об дод
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.