حیا بیپرده نپسندید راز حسن یکتایش
حیا بیپرده نپسندید راز حسن یکتایش
پری تا فال شوخی زد عرقکردند مینایش
ҳио бе-парда напасандид роз ҳасан йактойаш
пари то фол шухи зд ъарақ-карданд минойаш
دلی میافشرد هر پر زدن تحریک مژگانت
نمیدانم چه صید است این که دارد چنگ گیرایش
дали мӣ-афашард ҳар пур задан таҳарик мажагонат
нами-донам ча сид аст айанака дорад чанг-гиройаш
چراغ عقل در بزم جنون روشن نمیگردد
مگر سوزد دماغی در شبستان سویدایش
чароғ ақл дар базм ҷанун рушан нами-гардад
магар сузд дамоғи дар шабастон савайдойаш
به جنت طرفی از جمعیت دل نیست زاهد را
چو شمع از خامسوزی سوختن باقیست فردایش
ба ҷанат тарфи аз ҷамаъит дил нест зоҳад ро
чу шамъ аз хомасузи сухатан боқист фардойаш
بساط نقش پا گرم است در وحشتگه امکان
ز هر جا شعلهای جستهست داغی مانده بر جایش
басот нақш по гарм аст дар ваҳаштага амакон
з ҳар ҷо шаъала-эй ҷаста-ст доғи монда бар ҷойаш
به نومیدی خمار عشرت این انجمن بشکن
شکستن ختم قلقل میکند بر ساز مینایش
ба нумиди хамор ъашарт ин анаҷаман башакан
шакастан хатам қалқал мекунад бар соз минойаш
دو عالم نیک و بد را شخص تست آیینهٔ تهمت
تو هر اسمی که میخواهی برون آر از معمایش
ду олам ник ва бд ро шахас таст оина таҳамат
ту ҳар асами-ки мӣ-хоҳи барун ор аз маъамойаш
مقیم گوشهٔ دل چون نفس دیوانهای دارم
که گر تنگی کند این خانه افشارد به صحرایش
мақим-гуша дил чун нафас дивона-эй дорм
ки-гар танги-канд ин хона афашорд ба саҳаройаш
قناعت کردهام چون عشق از آیینهٔ امکان
به آن مقدار تمثالی که نتوان کرد پیدایش
қаноъат карда-ам чун ишқ аз оина амакон
ба он мақадор тамасоли-ки натавон-кард пидойаш
ندانم سایه با بخت که دارد توامی بیدل
مقیم روز بودن بر نمیآرد ز شبهایش
ндонам сойа бо бахт-ки дорад тавоми бидел
мақим рӯз будан бар нами-орд з шабҳойаш
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- حسن
- زیبایی؛ جلوهٔ جمالِ معشوق و تجلیِ حُسنِ ازلی.