در دلی اما به قصد اشکم افسون میکنی
در دلی اما به قصد اشکم افسون میکنی
سر ز جیب صد هزار آیینه بیرون میکنی
дар дали амо ба қасад ашакам афасун мӣ-кани
сар з ҷиб сад ҳазор оина бирун мӣ-кани
جز تغافلهای نازت دستگاه ناله چیست
مصرع چندی که من دارم تو موزون میکنی
ҷуз тағофалаҳой нозат дастаго нола чист
масараъ чанди-ки ман дорм ту музун мӣ-кани
با حنا ربطی ندارد اشک استغنای ناز
مینهی پا بر دل پرخون و گلگون میکنی
бо ҳано рабати надорад ашак асатағаной ноз
мӣ-наҳи по бар дил пархон ва галагун мӣ-кани
خاک اگر صد رنگ گرداند همان خاک است و بس
یک زمانم کرد سرگردان که گردون میکنی
хок агар сад ранг гардонд ҳамон хок аст ва бас
як змонам-кард сарагардон-ки гардун мӣ-кани
گر به این ساز است آهنگ تغافلهای ناز
جوهر آیینه را زنجیر مجنون میکنی
гар ба ин соз аст оҳанг тағофалаҳой ноз
ҷуҳар оина ро занҷири маҷанун мӣ-кани
فطرت از تاب سر مویی محرف میخورد
در وفا گر یک قدم کج میروی خون میکنی
фтарт аз тоб сар мавайай маҳарф мӣ-хурд
дар вафо гар як қадам каҷ мӣ-равай хон мӣ-кани
هر قدر سعی زبانت پرفشان گفتوگوست
عافیت میروبی و از خانه بیرون میکنی
ҳар қадар саъи забонат парфашон гафт-вагуст
ъофит мӣ-руби ва аз хона бирун мӣ-кани
ماهی بحر حقیقت تشنهٔ قلاب نیست
هرزه بر زانو سرت را نقطهٔ نون میکنی
моҳи баҳар ҳақиқат ташана қалоб нест
ҳарза бар зону сарт ро нақата нун мӣ-кани
دعوی نازک خیالی، چشم زخم فطرتست
بیخبر خاموش موی چینی افزون میکنی
даъавай нозак хиоли, чашм захам фтарт-ст
бихабар хомуш мавай чини афазун мӣ-кани
بیدل از فهم کلامت عالمی دیوانه شد
ای جنونانشا دگر فکر چه مضمون میکنی
бидел аз фаҳам каломат ъолми дивона шуд
эй ҷанун-анашо дагар факар ча мазмун мӣ-кани
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.