که دارد جوهر تحقیق حسرت گاه ناموسش
که دارد جوهر تحقیق حسرت گاه ناموسش
جهانتاب است شمع و بیضهٔ عنقاست فانوسش
ки дорад ҷуҳар таҳақиқ ҳасарт го номусаш
ҷаҳонатоб аст шамъ ва биза ъанқост фонусаш
تبسم ریز صبحی رفت از گلشن که تا محشر
به هر سو غنچهها لب میکند از حسرت بوسش
табасам риз сабҳи рафт аз галашан-ки то маҳшар
ба ҳар су ғанача-ҳо лаб мекунад аз ҳасарт бусаш
خیال عشق چندان شست اوراق دلایل را
که در آیینه نتوان یافتن تمثال جاسوسش
хаёл ишқ чандон шаст авароқ далойал ро
ки дар оина натавон йофатан тамасол ҷосусаш
نوید وصل آهنگیست وقف ساز نومیدی
اگر دل بشکند زین نغمه نگذارند مأیوسش
навайд васал оҳанги-ст вақаф соз нумиди
агар дил башаканд зин нағама нагазоранд мойавасаш
درین محفل به هر جا شیشهٔ ما سرنگون گردد
خم طاق شکست دل نماید جای پا بوسش
дарин маҳафал ба ҳар ҷо шиша мо сарнагун-гардад
хам тоқ шакаст дил намойд ҷой по бусаш
شکستم در تمنای بهارت شیشهٔ رنگی
که هر جا میرسم پر میزند آواز طاووسش
шакастам дар таманой бҳорт шиша ранги
ки ҳар ҷо мӣ-расам пур мӣ-занд овоз товавасаш
جهان یکسر حقست، آری مقیّد مطلق است اینجا
ز مینا هر که آگه شد پری گردید محسوسش
ҷаҳон йакасар ҳақаст, ори мақид маталқ аст инҷо
з мино ҳар ки ога шуд пари-гардид маҳасусаш
ز دیرستان عشقت در جگر جوش تبی دارم
که از تبخاله میباید شنیدن بانگ ناقوسش
з дирастон ъашақат дар ҷагар ҷуш таби дорм
ки аз табахола мӣ-бойд шанидан бонг ноқусаш
دگر میتاختم با ناز در جولانگه فطرت
به این خجلت عرق کردم که نم زد پوست بر کوسش
дагар мӣ-тохатам бо ноз дар ҷулонга фтарт
ба ин хаҷалат ъарақ кардам ки нам зд пуст бар кусаш
زمان فرصت دیدار رفت اما من غافل
به وهم آیینه صیقل میزنم از دست افسوسش
замон фарсат дидор рафт амо ман ғофал
ба ваҳм оина сиқал мӣ-занам аз даст афасусаш
به آزادی پری میزد نفس در باغ ما بیدل
تخیل گشت زندانش توهُم کرد محبوسش
ба озоди пари мӣ-зд нафас дар боғ мо бидел
тахил-гашт зандонаш туҳам-кард маҳабусаш
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.