ز نیرنگ خیال طفل شوخ شعله در چنگی
ز نیرنگ خیال طفل شوخ شعله در چنگی
شرر حواله گردیدهست تا گرداندهام رنگی
з ниранг хаёл тафал шух шаъала дар чанги
шарар ҳавола гардида-ст то гардонда-ам ранги
تجلی صیقا دیدار چون آیینهام اما
نمیباشد به نابینایی حیرانیام زنگی
таҷали сиқо дидор чун оинаам амо
нами-бошад ба нобинойай ҳирони-ам занги
تلاش لازم افتادهست ساز زندگانی را
سری بر سنگ میباید زدن بی صلحی و جنگی
талош лозм афтода-ст соз зандагони ро
сари бар санг мӣ-бойд задан би салаҳи ва ҷанги
چو صبح اظهار ناکامیست سامان بهار من
ز پرواز غباری چند پیدا کردهام رنگی
чу субҳ азаҳор нокоми-ст сомон бҳор ман
з паравоз ғабори чанд пидо карда-ам ранги
دو عالم میتوان از یک نگاه گرم طیکردن
تک و تاز شرر نی جاده میخواهد نه فرسنگی
ду олам мӣ-тавон аз як нго-гарм ти-кардан
так ва тоз шарар ни ҷода мӣ-хоҳад на фарсанги
فضای وادی امکان ندارد گردی از الفت
همان چین است اگر خاری به دامانت زند چنگی
фазой води амакон надорад гарди аз алафт
ҳамон чин аст агар хори ба домонат занд чанги
ببال ای آه نومیدی که از افسون افسردن
تپشها خون شد اما کرد ایجاد دل تنگی
бабол эй о нумиди ки аз афасун афасардан
тапашаҳо хон шуд амо кард айаҷод дил танги
ز یاس قامت خمگشته بر خود نوحهای دارم
پریشان کردهام در مرگ عشرت گیسوی چنگی
з йос қомат хам-гашта бар худ нуҳа-эй дорм
паришон карда-ам дар мараг ъашарт-гисавай чанги
زباناضطراب اشکنومیدم که میفهمد؟
شکستم شیشهای اما نبردم بوی آهنگی
забон-азатароб ашак-нумидам ки мӣ-фаҳамад?
шакастам шиша-эй амо набардам бавай оҳанги
چرا برخود ننازد چهره پرداز نیاز من
شکستی طره تا بستی به روی حال من رنگی
чаро барход нанозд чаҳара пардоз ниоз ман
шакасти тара-то басти ба равай ҳол ман-ранги
ز طبع ما درشتی برد یاد رفتگان بیدل
خرام نالهها نگذاشت درکهسار ما سنگی
з табаъ мо дарашти бард йод рафтагон бидел
харом нола-ҳо нагазошт даракаҳасор мо санги
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- نگاه
- نگریستن؛ تجلیِ معشوق و سرچشمهٔ شور و گرفتاری.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.