بگذشت ز خاکم بت گل پیرهن من
بگذشت ز خاکم بت گل پیرهن من
چون صبح نفس جامه درید ازکفن من
багазашт з хокам бат-гул пираҳан ман
чун субҳ нафас ҷома дарид азакафан ман
یاد نگهش بسکه به تجدید جنون زد
شد چشم پری بخیهٔ دلق کهن من
йод нагаҳаш басака ба таҷадид ҷанун зд
шуд чашм пари бахиа далқ-каҳан ман
یارب زنظرها به چه نیرنگ نهان ماند
برق دو جهان شمع قیامت لگن من
йораб заназараҳо ба ча ниранг наҳон монд
барақ ду ҷаҳон шамъ қиёмат лаган ман
بر وحشتم افسون قیامت نتوان خواند
بی شغل سفر نیست چو کشتی وطن من
бар ваҳаштам афасун қиёмат натавон хонд
би шағал сафар нест чу кашти ватан ман
تا تیغ تو شد مایل انداز اشارت
گردن همه جا رست چو مو از بدن من
то тиғ ту шуд мойал андоз ашорт
гардан ҳама ҷо раст чу му аз бадан ман
رنگی ننمودم ز بهارت چه توان کرد
حیرانم و آیینهگری نیست فن من
ранги нанамудам з бҳорт ча тавон-кард
ҳиронам ва оина-гари нест фан ман
شمع سحرم، پیریام افسون تسلی است
خواهد مژه خواباند کنون پر زدن من
шамъ саҳарм, пири-ам афасун тасали аст
хоҳад мажа хобонд канун пур задан ман
گفتند در این بزم سزاوار ادب کیست
گفتم نگه کار به عبرت فکن من
гафтанд дар ин базм сазовор адаб кист
гафтам нга кор ба ъабарт факан ман
عمریست تماشایی سیر دل تنگم
در غنچه شکستهست دماغ چمن من
ъамарист тамошойай сир дил тангам
дар ғанача шакаста-ст дамоғ чаман ман
فکرم به حریفان رگ خامی نپسندید
شد پخته جهانی ز نفس سوختن من
факарм ба ҳарифон раг хоми напасандид
шуд пахта ҷаҳони з нафас сухатан ман
یک دل، گهر رشتهٔ افکار کفافست
گو پای خری چند نبندد رسن من
як дил, гаҳар рашта афакор кафоф-ст
гу пой хари чанд набандад расан ман
جز مبتذلی چند که عامست در این عصر
بیدل نرسیده است به یاران سخن من
ҷуз мабатазали чанд ки ъомаст дар ин ъасар
бидел нарсида аст ба йорон сахан ман
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- سیر
- گشت و سفر؛ سلوک و سیرِ معنویِ جان در راهِ حق.