آنها که لاف افسر و اورنگ میزنند
آنها که لاف افسر و اورنگ میزنند
در بام هم سریست که برسنگ میزنند
онаҳо ки лоф афасар ва аварнаг мӣ-знанд
дар бом ҳам сари-ст ки барсанг мӣ-знанд
جمعی که پا به منزل و فرسنگ میزنند
در یاد دامن تو به دل چنگ میزنند
ҷамаъи ки по ба маназал ва фарсанг мӣ-знанд
дар йод доман ту ба дил чанг мӣ-знанд
چون من کسی مباد نماندود انفعال
کز عکس نامم آینهها زنگ میزنند
чун ман-каси мабод нам-андуд анафаъол
каз ъакас номам оина-ҳо занг мӣ-знанд
در باغ اعتبار که ناموس رنگ و بوست
رندان ز خنده گل به سر ننگ میزنند
дар боғ аъатабор ки номус ранг ва буст
рандон з ханда-гул ба сар нанг мӣ-знанд
گردون حریف داغ محبت نمیشود
این خیمه در فضای دل تنگ میزنند
гардун ҳариф доғ муҳаббат нами-шуд
ин хима дар фазой дил танг мӣ-знанд
یاران چو گردباد که جوشد ز طرف دشت
دامن به زیر پا به هوا چنگ میزنند
йорон чу гардабод ки ҷушад з тарф дашт
доман ба зир по ба ҳаво чанг мӣ-знанд
طاووس ما خجالت اظهار میکشد
زین حلقهها که بر در نیرنگ میزنند
товавас мо хаҷолат азаҳор мӣ-кашад
зин ҳалқа-ҳо ки бар дар ниранг мӣ-знанд
ما را به گرد کلفت ازین بزم رفتن است
آیینهها قدم به دل زنگ میزنند
мо ро ба гард калафт азин базм рафтан аст
оина-ҳо қадам ба дил занг мӣ-знанд
زین رهروان کراست سر و برگ جستجو
گامی به زحمت قدم لنگ میزنند
зин раҳаравон карост сар ва бараг ҷастаҷу
гоми ба заҳамат қадам ланг мӣ-знанд
گاهی به کعبه می دوم و گه به سوی دیر
دیوانهام ز هر طرفم سنگ میزنند
гоҳи ба-каъаба мӣ дум ва га ба савай дир
дивона-ам з ҳар тарфам санг мӣ-знанд
بیپرده نیست صورت تحقیقکس هنوز
آثار خامهایست که در رنگ میزنند
бе-парда нест сурт таҳақиқ-кас ҳануз
осор хома-эй-ст ки дар ранг мӣ-знанд
بیدل به طاق ابروی وهمیست جام خلق
چندانکه هوشکارکند بنگ میزنند
бидел ба тоқ абаравай ваҳами-ст ҷом халқ
чандонака ҳуш-кораканд банг мӣ-знанд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.
- پرده
- حجاب و پوشش؛ مانع آشکارشدن یا نشانه پنهانی راز.
- خلق
- مردمان یا خوی و سرشت؛ جهانِ کثرت در برابرِ تنهایی.
- باغ
- بوستان؛ نمادِ جهان، جلوهگاهِ حُسن و گذرِ بهارِ عمر.