حیرت قفسمکو اثر عجز و رسایی
حیرت قفسمکو اثر عجز و رسایی
مجبور ادب را چه وصال و چه جدایی
ҳайрат қафасам-ку асар ъаҷаз ва рсойай
маҷабур адаб ро ча васол ва ча ҷадойай
آیینه وتسلیم فضولی، چه خیالست
رنگی ننماییم که آنرا ننمایی
оина ватасалим фазули, ча хиоласт
ранги нанамойайам-ки онаро нанамойай
وقست که چون آبله ازپوست برآییم
کز خویش برون میکشدم تنگ قبایی
вқаст-ки чун обала азапуст баройайам
каз хеш барун мӣ-кашадам танг қабойай
از بسکه به دل ناخن تدبیر شکستم
چون غنچه دمید از نفسم عقده گشایی
аз басака ба дил нохан тадабир шакастам
чун ғанача дамид аз нафасам ъақада-гашойай
خوشباش که کس مانع آزادگیت نیست
عالم همه راه است گر از خویش برآیی
хошабош ки кас монаъ озодагит нест
олам ҳама ро аст гар аз хеш баройай
ای حسن معیت ز فریبت نگهم سوخت
یک پرده عیانترکه بسی دور نمایی
эй ҳасан маъит з фарибат нагаҳам сухт
як парда ъионатарака баси дур намойай
برگنج همان صورت ویرانه نقابست
پوشد مگرت بندگی آثار خدایی
бараганҷ ҳамон сурт вайрона нқобаст
пушад магарт бандаги осор хадойай
در بحر چرا قطرهٔ ما بحر نباشد
در بزم کریمان چه خیالست گدایی
дар баҳар чаро қатара мо баҳар набошад
дар базм каримон ча хиоласт гадойай
از لاف حذرکن که درین عرصه مبادا
پرواز فروشی و فسردن به درآیی
аз лоф ҳазаракан ки дарин ъарса мабодо
паравоз фаруши ва фасардан ба даройай
رفع هوس از طینت مردم چه خیالست
زبن قافله بیرون نرود هرزه درآیی
рафаъ ҳус аз тинат мардам ча хиоласт
забан қофала бирун наруд ҳарза даройай
نتوان شدن از وهم وجود و عدم آزاد
با دام و قفس ساز که دور است رهایی
натавон шадан аз ваҳм ваҷуд ва ъадам озод
бо дом ва қафас соз ки дур аст раҳойай
حاصل نکنی صندل درد سر هستی
بیدل به ره عشق اگر جبهه نسایی
ҳосал накани сандал дард сар ҳастӣ
бидел ба ра ишқ агар ҷабҳа насойай
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- آبله
- تاولِ پا یا دانهٔ پوست؛ نشانهٔ رنجِ راه و سلوک.