مرا به آبلهٔ پا چه مشکل افتادست
مرا به آبلهٔ پا چه مشکل افتادست
که تا قدم زدهام پای بر دل افتادست
маро ба обала по ча машакал афтодаст
ки то қадам зда-ам пой бар дил афтодаст
به قدر سعی دراز است راه مقصد ما
وگرنه در قدم عجز منزل افتادست
ба қадар саъи дароз аст ро мақасад мо
вагарна дар қадам ъаҷаз маназал афтодаст
نفس نمانده و من میکشم کدورت جسم
گذشته لیلی وکارم به محمل افتادست
нафас намонда ва ман мӣ-кашм кадурт ҷасам
газашта лили вакорм ба маҳамал афтодаст
امید گوهر دیگر ازین محیط کراست
همین بس است که گردی به ساحل افتادست
амид гуҳар дигар азин маҳит карост
ҳамин бас аст ки гарди ба соҳал афтодаст
چو سروگرچه نداربم طواف آزادی
رسیدهایم به پایی که در گل افتادست
чу саругарача ндорабам тавоф озоди
рсида-айам ба пойай ки дар гул афтодаст
تو درکناری و ما بیخبر، علاجی نیست
فروغ شمع تو بیرون محفل افتادست
ту дараканори ва мо бихабар, ъалоҷи нест
фаруғ шамъ ту бирун маҳафал афтодаст
به غیر نفی چه اثبات میتوان کردن
طلسم هستی ما سخت باطل افتادست
ба ғир нафи ча асабот мӣ-тавон кардан
таласам ҳастӣ мо сахт ботал афтодаст
زسنگ جوش شرر بین و ناله خرمن کن
که زیر خاک هم آتش به حاصل افتادست
засанг ҷуш шарар бин ва нола харман кан
ки зир хок ҳам оташ ба ҳосал афтодаст
تبسم که به خون بهار تیغ کشید
که خنده بر لبگل نیم بسمل افتادست
табасам ки ба хон бҳор тиғ кашид
ки ханда бар лаб-гул ним басамал афтодаст
نه نقش پاست که در وادی طلب پیداست
ز کاروان جرسی چند بیدل افتادست
на нақш пост-ки дар води талаб пидост
з коравон ҷарси чанд бидел афтодаст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.