ز حرف راحت اسباب دنیا پنبه درگوشم
ز حرف راحت اسباب دنیا پنبه درگوشم
مباد از بستر مخمل رباید خواب خرگوشم
з ҳарф роҳат асабоб данио панаба дарагушм
мабод аз бастар махамал рабойд хоб харагушм
شنیدن شد دلیل اینقدر بیصرفه گوییها
زبان هم لال میگردید اگر میبود کر گوشم
шанидан шуд далил айанқадар бе-сарфа-гавайайаҳо
забон ҳам лол мӣ-гардид агар мӣ-буд кар гушм
حدیث عشق سر کن گر علاج غفلتم خواهی
که این افسانه آتش دارد و من پنبه درگوشم
ҳадис ишқ сар кан-гар ъалоҷ ғафалатам хоҳи
ки ин афасона оташ дорад ва ман панаба дарагушм
نواها داشت ساز عبرت این انجمن اما
نگردید از کری قابل تمیز خیر و شر گوشم
навоҳо дошт соз ъабарт ин анаҷаман амо
нгардид аз кари қобал тамиз хир ва шар гушм
به رنگ چنبر دف آنقدر از خود تهی گشتم
که سعی غیر میبندد صدای خویش درگوشم
ба ранг чанабар даф онақадар аз худ таҳи-гаштам
ки саъи ғир мӣ-бандад садой хеш дарагушм
سفیدی میکند از پنبه اینجا چشم امیدی
نوای عالم آشوبی که دارد در نظر گوشم
сафиди мекунад аз панаба инҷо чашм амиди
навой олам ошуби-ки дорад дар назар гушм
به ذوق مژده وصل آنقدر بیتاب پروازم
که چون گل میتواند ریخت رنگ بال و پر گوشم
ба зуқ мажада васал онақадар битоб паравозм
ки чун гул мӣ-тавонд рихт ранг бол ва пур гушм
به درس بیتمیزی چند خون سعی میریزم
چو شور عشق باید خواند افسونی به هرگوشم
ба дарс бе-тамизи чанд хон саъи мӣ-ризм
чу шур ишқ бойд хонд афасуни ба ҳарагушм
ز ساز هر دو عالم نغمهٔ دلدار میجوشد
کدامین پنبه سیماب تو شد ای بیخبر گوشم
з соз ҳар ду олам нағама далдор мӣ-ҷушад
кадомин панаба симоб ту шуд эй бихабар гушм
مگر آواز پایی بشنوم بیدل درین وادی
به رنگ نقش پا در راه حسرت سر بسر گوشم
магар овоз пойай башанум бидел дарин води
ба ранг нақш по дар ро ҳасарт сар басар гушм
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- خواب
- خفتن و رؤیا؛ نشانهٔ غفلت در برابرِ بیداریِ دل.