میدهد زیب عمارت از خرابی خانهام
میدهد زیب عمارت از خرابی خانهام
آب در آیینه دارد سیل در ویرانهام
мӣ-даҳад зиб ъаморт аз хароби хона-ам
об дар оина дорад сил дар вайрона-ам
از گداز رنگ طاقت برنمیآیم چو شمع
گردش چشم که در خون میزند پیمانهام
аз гадоз ранг тоқат барнами-ойам чу шамъ
гардаш чашм-ки дар хон мӣ-занд пимона-ам
اینقدرها بیخود جام نگاه کیستم
گوشها میخانه شد از نعرهٔ مستانهام
айанқадараҳо биход ҷом нго кисатам
гушаҳо михона шуд аз наъара мастона-ам
عمرها شد از مقیمان سواد وحشتم
ریخت چشم او به گرد سرمه رنگ خانهام
ъамараҳо шуд аз мақимон савод ваҳаштам
рихт чашм ав ба-гард сарма ранг хона-ам
هرکجا روشن کنند از سرو او شمع چراغ
نالهٔ قمری شود خاکستر پروانهام
ҳаракаҷо рушан-кананд аз сару ав шамъ чароғ
нола қамари шуд хокастар паравона-ам
نشئهٔ سودا به این نیرنگ هم میبوده است
سنگ را گل میکند شور سر دیوانهام
нашиа судо ба ин ниранг ҳам мӣ-буда аст
санг ро гул мекунад шур сар дивона-ам
اختلاط خلق بر من تهمت الفت نبست
همچو بو در طبع رنگ از رنگها بیگانهام
ахаталот халқ бар ман таҳамат алафт набаст
ҳамачу бу дар табаъ ранг аз рангаҳо бигона-ам
با دل قانع فراغی دارم از تشویش حرص
مور را دست تصرف کوته است از دانهام
бо дил қонаъ фароғи дорм аз ташавайаш ҳарс
мур ро даст тасарф-кута аст аз дона-ам
نامهٔ احوال مجنون سر به مُهر حیرت است
جای مژگان بسته میگردد لب از افسانهام
нома аҳавол маҷанун сар ба муҳар ҳайрат аст
ҷой мажагон баста мӣ-гардад лаб аз афасона-ам
پیچ و تاب طرهٔ امواج خون بسملم
جوهر شمشیر میباشد زبان شانهام
пич ва тоб тара амавоҷ хон басамалм
ҷуҳар шамашир мӣ-бошад забон шона-ам
عشق در انجام الفت حسن پیدا میکند
شمع میآید برون از سوختن پروانهام
ишқ дар анҷом алафт ҳасан пидо мекунад
шамъ мӣ-ойд барун аз сухатан паравона-ам
یار شد بیپرده دیگر تاب خودداری که راست
ای رفیقان نو بهار آمد کنون دیوانهام
йор шуд бе-парда дигар тоб ходадори ки-рост
эй рфиқон ну бҳор омад канун дивона-ам
صبح بودم گر سبکروحی به دادم میرسید
سخت جانی کرد بیدل خشت این ویرانهام
субҳ будам-гар сабакаруҳи ба додам мӣ-рсид
сахт ҷони-кард бидел хашт ин вайрона-ам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.