گر کنم با این سر پرشور بالین سنگ را
گر کنم با این سر پرشور بالین سنگ را
از شرر پرواز خواهد گشت تمکین سنگ را
гар канам бо ин сар парашур болин санг ро
аз шарар паравоз хоҳад гашт тамакин санг ро
من به درد نارساییها چهسان دزدم نفس
میکند بیدست و پایی ناله تلقین سنگ را
ман ба дард норсойай-ҳо ча-сон даздам нафас
мекунад бе-даст ва пойай нола талқин санг ро
از جسد رنگ گداز دل توان دید آشکار
گر شود دامن به خون لعل رنگین سنگ را
аз ҷасад ранг гадоз дил тавон дид ошакор
гар шуд доман ба хон лаъал рангин санг ро
چون صدا هرکس به رنگی میرود زین کوهسار
آتشم فهمید آخر خانهٔ زین سنگ را
чун садо ҳаракас ба ранги мӣ-руд зин куҳасор
оташм фаҳамид охар хона зин санг ро
از شکست ما صدای شکوه نتوان یافتن
شیشه اینجا میگشاید لب به تحسین سنگ را
аз шакаст мо садой шакуа натавон йофатан
шиша инҷо мӣ-гашойд лаб ба таҳасин санг ро
دیدهٔ بیدار را خواب گران زیبنده نیست
ای شرر تا چند خواهی کرد بالین سنگ را
дида бидор ро хоб гарон зибанда нест
эй шарар то чанд хоҳи кард болин санг ро
ساز این کهسار غیر از ناله آهنگی نداشت
آرمیدن اینقدرها کرد سنگین سنگ را
соз ин каҳасор ғир аз нола оҳанги ндошт
ормидан айанқадараҳо кард сангин санг ро
صافی دل مفت عیش است از حسد پرهیز کن
هوش اگر جامت دهد بر شیشه مگزین سنگ را
софи дил мафт ъиш аст аз ҳасад параҳиз кан
ҳуш агар ҷомат даҳад бар шиша магазин санг ро
فیض سودامشربان از بس که عام افتاده است
خون مجنون میکند دامان گلچین سنگ را
физ судомашарабон аз бас ки ъом афтода аст
хон маҷанун мекунад домон галачин санг ро
ظالم از ساز حسد بی دستگاه عیش نیست
از شرر دایم چراغان در دل است این سنگ را
золм аз соз ҳасад би дастаго ъиш нест
аз шарар дойам чароғон дар дил аст ин санг ро
تا نفس دارد تردد جسم را سرگشتگیست
تا نیاساید فلاخن نیست تسکین سنگ را
то нафас дорад тардад ҷасам ро сарагаштаги-ст
то ниосойд фалохан нест тасакин санг ро
گر همه بر خاک پیچید عشق حسن آرد برون
کوشش فرهاد آخر کرد شیرین سنگ را
гар ҳама бар хок пичид ишқ ҳасан орд барун
кушаш фараҳод охар кард ширин санг ро
عافیتها نیست غیر از پردهٔ ساز شکست
شیشه میبیند نگاه عاقبتبین سنگ را
ъофитаҳо нест ғир аз парда соз шакаст
шиша мӣ-бинд нго ъоқабат-бин санг ро
خواب غفلت میشود پا در رکاب از موج اشک
در میان آب بیدل نیست تمکین سنگ را
хоб ғафалат мӣ-шуд по дар ракоб аз мавҷ ашак
дар мион об бидел нест тамакин санг ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.