من آن غبارم که حکم نقشم به هیچ آیینه در نگیرد
من آن غبارم که حکم نقشم به هیچ آیینه در نگیرد
اگر سراپا سحر برآیم شکست رنگم به بر نگیرد
ман он ғаборм ки ҳакам нқашм ба ҳич оина дар нгирд
агар саропо саҳар баройам шакаст рангам ба бар нгирд
نشد ز سازم به هیچ عنوان چو نی خروش دگر پرافشان
جز این که یارب در این نیستان پر نوایم شکر نگیرد
нашад з созм ба ҳич ъанавон чу ни харуш дагар парофашон
ҷуз айанака йораб дар ин нистон пур навойам шакар нгирд
به این گرانی که دارد امروز ز رخت چندین خیال دوشم
چو کشتیام پای رفتنی که اگر محیطم به سر نگیرد
ба ин-гарони ки дорад амаруз з рахт чандин хаёл душм
чу кашти-ам пой рафтани-ки агар маҳитам ба сар нгирд
به راه یأسی است سعی گامم که گر به لغزش رسد خرامم
کسی جز آغوش بینشانی چو اشکم از خاک بر نگیرد
ба ро йоси аст саъи гомам ки гар ба лағазаш расад харомам
каси ҷуз оғуш бе-нашони чу ашакам аз хок бар нгирд
دل از فسون امل طرازی به جد گرفتهست هرزهتازی
مباد شرم نفسگدازی عنان این بیخبر نگیرد
дил аз фасун амал тарози ба ҷад гарфата-ст ҳарза-този
мабод шарм нафас-гадози ъанон ин бихабар нгирд
نگاه غفلت کمین ما را کنار مژگان نشد میسر
تپد به خون خفته خوابناکی که سایهاش زیر پر نگیرد
нго ғафалат-камин мо ро канор мажагон нашад мисар
тапад ба хон хафта хобаноки-ки сойа-аш зир пур нгирд
چو موج عمریست بیسر و پا تلاش شوقم ادب تقاضا
چه ممکن است این که رشتهٔ ما چو عقده گیرد گهر نگیرد
чу мавҷ ъамарист бе-сар ва по талош шуқам адаб тақозо
ча мамакан аст айанака рашта мо чу ъақада-гирд гаҳар нгирд
خوشا غنامشربی که طبعش به حکم اقبال بینیازی
ز هرکه خواهد جزا نخواهد ز هرچهگیرد اثر نگیرد
хошо ғаномашараби-ки табаъаш ба ҳакам ақабол бе-ниози
з ҳарака хоҳад ҷазо нхоҳад з ҳарача-гирд асар нгирд
اگر ز معمار دهر باشد بنای انصاف را ثباتی
گلی که تعمیر رنگ دارد چراش در آب زر نگیرد
агар з маъамор даҳар бошад баной анасоф ро саботи
гали-ки таъамир ранг дорад чарош дар об зар нгирд
دلی که بردند آب نازش به آتش عشق کن گدازش
چو شیشه بر سنگ خورد سازشکسیش جز شیشهگر نگیرد
дали-ки барданд об нозаш ба оташ ишқ кан гадозаш
чу шиша бар санг хурд созаш-касиш ҷуз шиша-гар нгирд
گذشت مجنون به وضع عریان چو ناله و آه از این بیابان
تو هم به آن رنگ دامن افشان که چین دامن کمر نگیرد
газашт маҷанун ба вазаъ ъарион чу нола ва о аз ин биобон
ту ҳам ба он ранг доман афашон ки чин доман камар нгирд
قبول سرمایهٔ تعینکمینگه آفت است بیدل
چوشمع خاموش ترک سر گیر که تا هوایت به سر نگیرد
қабул сармойа таъин-каминга офт аст бидел
чушамаъ хомуш тарак сар гир ки то ҳавойт ба сар нгирд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.