مژه خواباندم و دل را به جمعیت علم کردم
مژه خواباندم و دل را به جمعیت علم کردم
تماشا پرگرانی داشت بر دوشی که خمکردم
мажа хобонадам ва дил ро ба ҷамаъит ъалм кардам
тамошо парагарони дошт бар души-ки хам-кардам
ز دور ساغر امکان زدم فال فراموشی
بر اعداد خیال این حلقه صفری بود کم کردم
з дур соғар амакон задам фол фаромуши
бар аъадод хаёл ин ҳалқа сафари буд кам кардам
به خواب زندگی دیدم سیاهی کم نمیگردد
ز تشویش نفس چون صافی از آیینه رم کردم
ба хоб зандаги дидам сиоҳи кам нами-гардад
з ташавайаш нафас чун софи аз оина рм кардам
دبستان خیالم داشت سرمشق تماشایت
نوشتم نسخهٔ رنگی که شاخگل قلمکردم
дабастон хиолм дошт сармашақ тамошойт
нушатам насаха ранги-ки шох-гул қалм-кардам
در آن دعوت که بوی منتی بیرون زد از خوانش
غذای همت از الوان نعمتها قسم کردم
дар он даъут ки бавай манати бирун зд аз хонаш
ғазой ҳамат аз алавон наъамат-ҳо қасам кардам
طمع را هم به حال این خسیسان رحم میآید
گرفتم ماهیی را پوستکندم بیدرم کردم
тамаъ ро ҳам ба ҳол ин хасисон раҳам мӣ-ойд
гарфатам моҳий ро пуст-кандам бе-дарм кардам
ز من میخواست سعی نارسا احرام تسلیمی
چو اشک از سر به راه انداختن ساز قدمکردم
з ман мӣ-хост саъи норсо аҳаром тасалими
чу ашак аз сар ба ро андохатан соз қадам-кардам
به قدر وحشتم قطع تعلق داشت آسانی
ز هر جیبی که در دامن زدم تیغ دودمکردم
ба қадар ваҳаштам қатаъ таъалқ дошт осони
з ҳар ҷиби-ки дар доман задам тиғ дудам-кардам
چه مقدار آنسوی تحقیق پر میزد شرار من
که هستی شمع را هم کشت تا سیر عدم کردم
ча мақадор онасавай таҳақиқ пур мӣ-зд шарор ман
ки ҳастӣ шамъ ро ҳам кашт то сир ъадам кардам
کسی نگرفت از بخت سیه داد سپند من
تپیدم سوختم تا سرمه گشتن ناله هم کردم
каси нагарафт аз бахт сиа дод сапанд ман
тапидам сухатам то сарма гаштан нола ҳам кардам
ندامت برد از آیینهام زنگ هوس بیدل
به سودنهای دست این صفحه را پاک از رقم کردم
ндомат бард аз оинаам занг ҳус бидел
ба судан-ҳой даст ин сафаҳа ро пок аз рақам кардам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.