گر چنین جوشاند آثار دویی ننگش ز دل
گر چنین جوشاند آثار دویی ننگش ز دل
دیدن آیینه خواهدکرد دلتنگش ز دل
гар чанин ҷушонд осор давайай нангаш з дил
дидан оина хоҳадакард далатангаш з дил
آدمی را تا نفس باقیست باید سوختن
پاس مطلب آتشی دادهست در چنگش ز دل
одами ро то нафас боқист бойд сухатан
пос маталаб оташи дода-ст дар чангаш з дил
ناتوانی هر کرا چون نی دلیل جستجو است
تا به لب صد نردبان میبندد آهنگش ز دل
нотавони ҳар каро чун ни далил ҷастаҷу аст
то ба лаб сад нардабон мӣ-бандад оҳангаш з дил
دقتی دارد خرام کاروان زندگی
چون نفس باید شمردن گام و فرسنگش ز دل
дақати дорад харом коравон зандаги
чун нафас бойд шамардан-гом ва фарсанагаш з дил
نالهواری گل کند کاش از چکیدنهای اشک
میزنم این شیشه هم عمریست بر سنگش ز دل
нола-вори гул канд кош аз чакиданаҳой ашак
мӣ-занам ин шиша ҳам ъамарист бар сангаш з дил
طینت آیینه و خاصیت زاهد یکی است
تاکجاها صافی ظاهر برد زنگش ز دل
тинат оина ва хосит зоҳад йки аст
токаҷоҳо софи зоҳар бард зангаш з дил
خامی فطرت دل ما را به داغ وهم سوخت
ای خدا آتش فتد در عالم ننگش ز دل
хоми фтарт дил мо ро ба доғ ваҳм сухт
эй-хадо оташ фатад дар олам нангаш з дил
غنچهٔ ما بر تغافل تا کجا چیند بساط
میرسد آواز پای رفتن رنگش ز دل
ғанача мо бар тағофал то каҷо чинд басот
мӣ-расад овоз пой рафтан рангаш з дил
در طلسم ما و من جهد نفس خون خوردنست
بر نمیآرد چه سازد وحشت لنگش ز دل
дар таласам мо ва ман ҷаҳад нафас хон хураданаст
бар нами-орд ча созд вҳашт лангаш з дил
شوخی طاووس اینگلشن برون بیضه نیست
آسمان برمیکشد عمریست نیرنگش ز دل
шухи товавас ин-галашан барун биза нест
осмон барми-кашад ъамарист нирангаш з дил
با خرد گفتم درین محفل که دارد عافیت
گفت آن سازی که نتوان یافت آهنگش ز دل
бо хард гафтам дарин маҳафал ки дорад ъофит
гафт он сози-ки натавон йофт оҳангаш з дил
لیلی آزاد و این نُه خیمه دام وهم کیست
از فضولی اینقدر من کردهام تنگش ز دل
лили озод ва ин на хима дом ваҳм кист
аз фазули айанқадар ман карда-ам тангаш з дил
چون نفس بیدل چه خواهد جز فغان برداشتن
آن ترازویی که باشد در نظر سنگش ز دل
чун нафас бидел ча хоҳад ҷуз фағон бардошатан
он тарозавайай-ки бошад дар назар сангаш з дил
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- وحشت
- هراس و رمیدگی؛ گریزِ دلِ تنها از خلق بهسوی تنهایی.