همه راست زین چمن آرزو، که به کام دل ثمری رسد
همه راست زین چمن آرزو، که به کام دل ثمری رسد
من و پرفشانی حسرتی، که ز نامه گل به سری رسد
ҳама рост зин чаман орзу, ки ба ком дил самари расад
ман ва парфашони ҳасарти, ки з нома гул ба сари расад
چقدر ز منت قاصدان، بگدازدم دل ناتوان
به بر تو نامهبر خودم، اگرم چو رنگ پری رسد
чақадар з манат қосадон, багадозадам дил нотавон
ба бар ту нома-бар ходам, агарм чу ранг пари расад
نگهی نکرده ز خود سفر، ز کمال خود چه برد اثر
برویم در پیات آنقدر که به ما ز ما خبری رسد
нагаҳи накарда з худ сафар, з камол худ ча бард асар
баравайам дар пи-ат онақадар ки ба мо з мо хабари расад
شرر، طبیعت عاشقان، به فسردگی ندهد عنان
تب موج ما نبری گمان، که به سکتهٔ گهری رسد
шарар, табиъат ъошақон, ба фасардаги надаҳад ъанон
таб мавҷ мо набари гамон, ки ба сакта гаҳари расад
بهکدام آینه جوهری، کشم التفاتی از آن پری
مگر التماسگداز من به قبول شیشهگری رسد
ба-кадом оина ҷуҳари,кашм алатафоти аз он пари
магар алатамос-гадоз ман ба қабул шиша-гари расад
به تلاش معنی نازکم، که درین قلمرو امتحان
نرسم اگر من ناتوان، سخنم به موکمری رسد
ба талош маъани нозакам,ки дарин қалмару аматаҳон
нарсам агар ман нотавон, саханам ба мукамари расад
ز معاملات جهان کد، تو برآکزین همه دام و دد
عفف سگی به سگی خورد، لگد خری به خری رسد
з маъомалот ҷаҳон кад, ту бароказин ҳама дом ва дад
ъафаф саги ба саги хурд, лагад хари ба хари расад
به چنین جنونکدهٔ ستم، ز تظلم تو کراست غم
به هزار خون تپد از الم، که رگی به نیشتری رسد
ба чанин ҷанунакада сатам, з тазалм ту карост ғам
ба ҳазор хон тапад аз алм,ки раги ба нишатари расад
همه جاست شوق طرب کمین، ز وداع غنچه گل آفرین
تو اگر ز خود روی اینچنین به تو از تو خوبتری رسد
ҳама ҷост шуқ тараб камин, з вадоъ ғанача гул офарин
ту агар з худ равай айаначанин ба ту аз ту хобатари расад
به هزارکوچه دویدهام، به تسلّیی نرسیدهام
ز قد خمیده شنیدهام، که چو حلقه شد به دری رسد
ба ҳазоракуча давайда-ам, ба тасалий нарсида-ам
з қад хамида шанида-ам,ки чу ҳалқа шуд ба дари расад
زکمال نظم فسون اثر، بگداخت بیدل بیخبر
چه قیامت است بر آن هنرکه به همچو بیهنری رسد
закамол назм фасун асар, багадохт бидел бихабар
ча қиёмат аст бар он ҳанарака ба ҳамачу бе-ҳанари расад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- غم
- اندوه؛ سرمایهٔ دلِ عاشق و همدمِ شبهای تنهایی.
- دام
- تله شکار؛ نمادِ تعلق و گرفتاریِ جان در جهان.
- اثر
- نشان و تأثیر؛ ردِّ برجامانده، که گاه نایاب و بیاثر است.
- قیامت
- رستاخیز؛ نمادِ آشوبِ بزرگ و شورِ بیاندازه.
- حلقه
- دایرهٔ بسته؛ نمادِ بندگی، اسارتِ زلف و جمعِ یاران.