مگشا جریدهٔ حاجتت بر دوستان ز کف غرض
مگشا جریدهٔ حاجتت بر دوستان ز کف غرض
بنویس نامهٔ آبرو به سیاهی کلف غرض
магашо ҷарида ҳоҷатат бар дустон з каф ғарз
банавайас нома обару ба сиоҳи-калаф ғарз
ز سپاه مطلب بیکران شده تنگ عرصهٔ امتحان
به ظفر قرین نتوان شدن نشکسته گرد صف غرض
з сапо маталаб бикарон шада танг ъарса аматаҳон
ба зафар қарин натавон шадан нашакаста-гард саф ғарз
عبث از تلاش سبکسری نشوی ستمکش آرزو
که به باد میشکند کمان پر ناوک هدف غرض
ъабас аз талош сабакасари нашавай сатамакаш орзу
ки ба бод мӣ-шаканд камон пур новак ҳадаф ғарз
بگذر ز مطلب هرزه دو به زیارت دل صاف رو
ز طواف کعبه چه حاصلت که تو چنبری به دف غرض
багазар з маталаб ҳарза ду ба зиорт дил соф ру
з тавоф-каъаба ча ҳосалат-ки ту чанабари ба даф ғарз
چقدر معاملهی جهان شده تنگ زبن همه ناکسان
که چو سگ به حاصل استخوان کند آدمی عفف غرض
чақадар маъомала-й ҷаҳон шада танг забан ҳама нокасон
ки чу саг ба ҳосал асатахон-канд одами ъафаф ғарз
ز بهار مزرع مدعا ندمید نوبر همتی
که به داس تیغ غنا دهد سر فتنهٔ علف غرض
з бҳор мазараъ мадаъо надамид нубар ҳамати
ки ба-дос тиғ ғано даҳад сар фитна ъалаф ғарз
نگشودن لبت از حیا چمنی است غنچهٔ مدعا
به طلب تغافل اگر زنی گهرت دهد صدف غرض
нагашудан лабат аз ҳио чамани аст ғанача мадаъо
ба талаб тағофал агар зни гаҳарт даҳад садаф ғарз
غلطی اگر نبری گمان دهمت علم یقین نشان
ز جحیم میطلبی امان به درآ ز دود و تف غرض
ғалати агар набари гамон даҳамат ъалм йқин нашон
з ҷаҳим мӣ-талаби амон ба-даро з дуд ва таф ғарз
چه جگرکه خون نشد ازحیا به تلاش حاجت ناروا
نرسد کسی به قیامتی، به قیامت آن طرف غرض
ча ҷагарака хон нашад азаҳио ба талош ҳоҷат нораво
нарсад каси ба қиомати, ба қиёмат он тарф ғарз
سزد آنکه ترک هوا کنی، طربی چوبیدل ماکنی
اگر آرزوی فنا کنی به فنا رسد شرف غرض
сазд онака тарак ҳаво кани, тараби чубидал мокани
агар оразавай фано кани ба фано расад шарф ғарз
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- حیا
- شرم و آزرم؛ پردهٔ ادب و حجابِ جمالِ معشوق.
- طلب
- جُستن و خواستن؛ کششِ سالک در پیِ حق و معشوق.
- هوا
- هوای جو یا هوسِ نفس؛ آرزو، میل و عشقِ سوزان.
- کف
- کفِ دست یا کفِ آب؛ نمادِ ناپایداری و تهیدستی.
- باد
- وزشِ هوا؛ نمادِ ناپایداری، غرور و تهیّتِ هستی.
- قیامت
- رستاخیز؛ نمادِ آشوبِ بزرگ و شورِ بیاندازه.
- تغافل
- خود را به بیخبری زدن؛ نازِ معشوق در نادیدهگرفتنِ عاشق.
- دود
- بخار سیاهِ آتش؛ نشانه سوز درون، تیرگی و آه برآمده از دل.
- فنا
- نیستشدن؛ محو هستیِ فردی در حقیقت و رسیدن به بقا.