هرچند گرانی بوَد اسباب جهان را
هرچند گرانی بوَد اسباب جهان را
تحریک زبان نیشتر است این رگ جان را
ҳарачанд гарони буд асабоб ҷаҳон ро
таҳарик забон нишатар аст ин раг ҷон ро
بیتاب جنون در غم اسباب نباشد
چون نی به خمیدن نکشد نالهکشان را
бе-тоб ҷанун дар ғам асабоб набошад
чун ни ба хамидан накашад нола-кашон ро
بیداری من شمعصفت لاف زبانیست
دل زادرهِ شوق بود ریگ روان را
бидори ман шамъ-сафт лоф забони-ст
дил зодараҳи шуқ буд риг равон ро
آفاق فسون انجمن شور خموشیست
دارم ز خموشی به کمین خوابِ گران را
офоқ фасун анаҷаман шур хамуши-ст
дорм з хамуши ба-камин хоб гарон ро
ایمن نتوان بود ز همواری ظالم
حیرتلگنِ شمعِ زبان ساز دهان را
айаман натавон буд з ҳамавори золм
ҳайрат-лаган шамъ забон соз даҳон ро
بنیاد کجاندیش شود سخت ز تهدید
در راستی افزونی زخم است سنان را
баниод каҷ-андиш шуд сахт з таҳадид
дар рости афазуни захам аст санон ро
ممسک نشود قابل ایمان خساست
از بند قوی مهره مکن پشتکان را
мамасак нашуд қобал айамон хасост
аз банд қавай маҳара макан пашт-кон ро
ما را به غم عشق همان عشق علاج است
تا نشمرد انگشت شهادت لب نان را
мо ро ба ғам ишқ ҳамон ишқ ъалоҷ аст
то нашмард ангашт шаҳодат лаб нон ро
خط فیض بهار دگر از حسن تو دارد
مهتاب بود پنبهٔ ناسور کتان را
хт физ бҳор дагар аз ҳасан ту дорад
маҳатоб буд панаба носур ктон ро
وقت است کنون کز اثر خون شهیدان
جوش رگ گل میکند این شعله دخان را
вақат аст канун каз асар хон шаҳидон
ҷуш раг-гул мекунад ин шаъала дахон ро
عشرتهوسِ رفتن رنگم چه توان کرد
شمشیر تو یاقوت کند سنگ فسان را
ъашарт-ҳус рафтан рангам ча тавон-кард
шамашир ту йоқут-канд санг фасон ро
باشد که سر از منزل مقصود برآریم
کردند بهار چمن شمع خزان را
бошад ки сар аз маназал мақасуд барорим
карданд бҳор чаман шамъ хазон ро
بیدل نفَسات خون مکن از هرزهدرایی
چون جاده درین دشت فکندیم عنان را
бидел нафас-ат хон макан аз ҳарза-даройай
чун ҷода дарин дашт факандим ъанон ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.