آه! با مقصد تسلیم نپیوستم من
آه! با مقصد تسلیم نپیوستم من
نقش پا گشتم و در راه تو ننشستم من
о! бо мақасад тасалим напивастам ман
нақш по гаштам ва дар ро ту нанашастам ман
نسبت سلسلهٔ ریشهٔ تاکم خون کرد
پا به گل داشتم و آبلهها بستم من
насабат саласала риша токам хон-кард
по ба-гул дошатам ва обала-ҳо бастам ман
خاصهٔ غیرت عشق است زدن شیشه به سنگ
هر که ساغر کشد از دست تو بدمستم من
хоса ғирт ишқ аст задан шиша ба санг
ҳар ки соғар кашад аз даст ту бадамастам ман
نیست گل بیخبر از عالم نیرنگ بهار
تو اگر جلوه کنی آینه در دستم من
нест-гул бе-хабар аз олам ниранг бҳор
ту агар ҷалуа кани оина дар дастам ман
زیر پا آبله را مانع بالیدن نیست
هست اقبال بلندم که سر پستم من
зир по обала ро монаъ болидан нест
ҳаст ақабол баландам ки сар пастам ман
خدمت پیکر خم مغتنم فرصتهاست
نفسی چند کنون ماهی این شستم من
хадамат пикар хам мағатанам фарсат-ҳост
нафаси чанд канун моҳи ин шастам ман
مفت آرام غبار است سجود در عجز
چرخ نتوان شدن از خاک اگر جستم من
мафт ором ғубор аст саҷуд дар ъаҷаз
чарх натавон шадан аз хок агар ҷастам ман
غیر تسلیم رهایی چه خیال است اینجا
وهم جرأت قفسی بود که نشکستم من
ғир тасалим раҳойай ча хаёл аст инҷо
ваҳм ҷарот қафаси буд ки нашакастам ман
دل گمگشته که در سینه سپندیها داشت
گرهی بود ندانم به کجا بستم من
дил гамагашта ки дар сина сапанди-ҳо дошт
гараҳи буд ндонам ба каҷо бастам ман
همچو عنقا خجل از تهمت نامم مکنید
در کجایم؟ بنمایید اگر هستم من
ҳамачу ъанқо хаҷал аз таҳамат номам маканид
дар каҷойам? банамойайд агар ҳастам ман
نیستی شیخ که نفرت رسد از رندانت
تو خمار از چه کشی بیدل اگر مستم من
нисти ших ки нафарт расад аз рандонат
ту хамор аз ча каши бидел агар мастам ман
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.