به تماشای این چمن در مژگان فراز کن
به تماشای این چمن در مژگان فراز کن
ز خمستان عافیت قدحی گیر و ناز کن
ба тамошой ин чаман дар мажагон фароз кан
з хамастон ъофит қадаҳи-гир ва ноз кан
مشکن جام آبرو به تپشهای آرزو
عرق احتیاج را می مینای راز کن
машакан ҷом обару ба тапашаҳой орзу
ъарақ аҳатиоҷ ро мӣ миной роз кан
مپسند آنقدر ستم که به خست شوی علم
گره دست و دل ز هم مژه بگشا و باز کن
мапасанд онақадар сатам-ки ба хаст шавай ъалм
гара даст ва дил з ҳам мажа багашо ва боз кан
به چه افسانه مایلی که ز تحقیق غافلی
تو تماشا مقابلی ز خیال احترازکن
ба ча афасона мойали-ки з таҳақиқ ғофали
ту тамошо мақобали з хаёл аҳатарозакан
نه ظهوریست نی خفا نه بقاییست نی فنا
به تخیل حقیقتی که نداری مجاز کن
на заҳури-ст ни хафо на бақойай-ст ни фано
ба тахил ҳақиқати-ки ндори маҷоз кан
چو غبار شکسته در سر راهت نشستهام
قدمی برزمینگذار و مرا سرفرازکن
чу ғубор шакаста дар сар роҳат нашаста-ам
қадами барзамин-газор ва маро сарфарозакан
به ادای تکلمی، به فسون تبسمی
شکری را قوام ده، نمکی راگدازکن
ба адой такалми, ба фасун табасами
шакари ро қавом да, намаки рогадозакан
عطش حرص یکقلم زجهان برده رنگ نم
همه خاکست آب هم به تیمم نمازکن
ъаташ ҳарс-йакақалм заҷаҳон барда ранг нам
ҳама хокаст об ҳам ба тимам намозакан
نکند رشته کوتهی، اگر از عقده وارهی
سرت از آرزو تهی، چه شود پا درازکن
наканд рашта кутаҳи, агар аз ъақада вораҳи
сарт аз орзу таҳи, ча шуд по дарозакан
ز فسردن چو بگذری سوی آیینهٔ پری
دل سنگین گداز و کارگه شیشه ساز کن
з фасардан чу багазари савай оина пари
дил сангин гадоз ва корага шиша соз кан
بنشین بیدل از حیا پس زانوی خامشی
نفسی چند حرص را ز طلب بینیاز کن
банашин бидел аз ҳио пас зонавай хомаши
нафаси чанд ҳарс ро з талаб бе-ниоз кан
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- حیا
- شرم و آزرم؛ پردهٔ ادب و حجابِ جمالِ معشوق.