جایی که شکوهها به صف زیر و بم رسد
جایی که شکوهها به صف زیر و بم رسد
حلوای آشتی است دو لبگر به هم رسد
ҷойай-ки шакуа-ҳо ба саф зир ва бам расад
ҳалавой ошти аст ду лаб-гар ба ҳам расад
پوشیدن است چشم ز خاک غبارخیز
زان سفله شرم کن که به جاه وحشم رسد
пушидан аст чашм з хок ғаборхиз
зон сафала шарм кан ки ба ҷо вҳашм расад
تغییر وضع ما ز تریهای فطرت است
خط بینسق شود چو به اوراق نم رسد
тағийр вазаъ мо з тариҳой фтарт аст
хт бе-насақ шуд чу ба авароқ нам расад
ساغرکش و، عیار کمال دماغگیر
تا میوه آفتاب نخورده است کم رسد
соғаракаш ва, ъиор камол дамоғ-гир
то мива офтоб нхорда аст кам расад
ناایمنی به عالم دل نارسیدن است
آهو ز رم برآید اگرتا حرم رسد
нойамани ба олам дил норсидан аст
оҳу з рм баройд агарто ҳарм расад
در دست جهد نیست عنان سبکروان
هرجا رسد خیال و نظر بیقدم رسد
дар даст ҷаҳад нест ъанон сабак-равон
ҳараҷо расад хаёл ва назар бе-қадам расад
قسمت نفسشمار درنگ و شتاب نیست
باور مکن که نان شبت صبحدم رسد
қасамат нафас-шмор дарнаг ва штоб нест
бовар макан-ки нон шабат сабҳадам расад
ای زندگی به حسرت وصل اضطراب چیست
بنشین دمی که قاصد ما از عدم رسد
эй-зандаги ба ҳасарт васал азатароб чист
банашин дами-ки қосад мо аз ъадам расад
هنگام انفعال حزین است لاف مرد
چون نمکشیدکوس برآواز خم رسد
ҳангом анафаъол ҳазин аст лоф мард
чун нам-кашидакус баровоз хам расад
یک قطره درمحیط تهی ازمحیط نست
ما را ز بخشش تو که داری چه کم رسد
як қатара дармаҳит таҳи азамаҳит наст
мо ро з бахашаш ту ки дори ча кам расад
بیدل گشودن لبت افشای راز ماست
معنی به خط ز جاده شق قلم رسد
бидел-гашудан лабат афашой роз мост
маъани ба хт з ҷода шақ қалм расад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.