همّت از گردنکشی مشکل به استغنا رسد
همّت از گردنکشی مشکل به استغنا رسد
برخم تسلیم زن تا سر به پشت پا رسد
ҳамат аз гарданакаши машакал ба асатағано расад
бархам-тасалим зн-то сар ба пашт по расад
تا ز مستی تردماغی، انفعال آماده باش
آخر از صهبا خمی برگردن مینا رسد
то з масти тардамоғи, анафаъол омода бош
охар аз саҳабо хами барагардан мино расад
فطرت آفتهاکشد تا نقش بربندد درست
اولین جام شکست از شیشه بر خارا رسد
фтарт офатаҳокашад то нақш барабандад дарсат
авалин ҷом шакаст аз шиша бар хоро расад
غافل ازکیفیت پیغام یکتایی مباش
قاصد او میرسد هرجا دماغ ما رسد
ғофал азакифит пиғом йактойай мабош
қосад ав мӣ-расад ҳараҷо дамоғ мо расад
عالمی را بیبضاعت کرد سودای شعور
نقدی از خود کم کند هرکس به جنسی وارسد
ъолми ро бе-базоъат кард судой шаъур
нақади аз худ кам канд ҳаракас ба ҷанаси ворасад
راحت آبادی که وحشت بانی آثار اوست
گرکسی تا پای دیوارش رسد صحرا رسد
роҳат ободи-ки вҳашт бони осор аваст
гаракаси то пой дивораш расад саҳаро расад
نور شمع عزتم اما در این ظلمتسرا
عالمی پهلو تهی سازدکه بر من جا رسد
нур шамъ ъазатам амо дар ин залмат-саро
ъолми паҳалу таҳи созадака бар ман ҷо расад
همچو بوی غنچه از ضعفی که دارم در کمین
امشبم گر جان رسد بر لب نفس فردا رسد
ҳамачу бавай ғанача аз заъафи-ки дорм дар камин
амашабам-гар ҷон расад бар лаб нафас фардо расад
پیکرم چون شمع از ننگ زمینگیری گداخت
سر به ره میافکنم تا پا به خواب پا رسد
пикарм чун шамъ аз нанг змингири-гадохт
сар ба ра мӣ-афаканам то по ба хоб по расад
همنشینان زین چمن رفتند من هم بعد از این
بشکنم رنگی که فریادم به آن گلها رسد
ҳаманашинон зин чаман рафтанд ман ҳам баъад аз ин
башаканам ранги-ки фариодам ба он-галаҳо расад
غنچه شو بوی گل طرز کلامم نازک است
بیتأمل نیست ممکن کس به این انشا رسد
ғанача шу бавай гул тарз каломам нозак аст
бе-томал нест мамакан-кас ба ин анашо расад
خودسری بیدل چه مقدار آبیار وهمهاست
سرو زین اندام میخواهد به آن بالا رسد
ходасари бидел ча мақадор обиор ваҳамаҳост
сару зин андом мӣ-хоҳад ба он боло расад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- خواب
- خفتن و رؤیا؛ نشانهٔ غفلت در برابرِ بیداریِ دل.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- وحشت
- هراس و رمیدگی؛ گریزِ دلِ تنها از خلق بهسوی تنهایی.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- دماغ
- بینی یا سَر؛ جایگاهِ پندار، سرمستی و سودای خیال.