تا چند به هر عیب و هنر طعنهزنیها
تا چند به هر عیب و هنر طعنهزنیها
سلاخ نهای، شرمی ازین پوست کنیها
то чанд ба ҳар ъиб ва ҳанар таъана-зни-ҳо
салох на-эй, шарми азин пуст кани-ҳо
چون سبحه در این معبد عبرت چه جنون است
ذکر حق و برهم زدن و سرشکنیها
чун сабҳа дар ин маъабд ъабарт ча ҷанун аст
закар ҳақ ва бараҳам задан ва сарашакани-ҳо
چندان که دمد نخل، سر ریشه به خاک است
ذلت نبرد جاه ز تخمیر دنیها
чандон ки дамад нахал, сар риша ба хок аст
залат набард ҷо з тахамир дани-ҳо
ما را به تماشای جهان دگر افکند
پرواز بلندی به قفس پرفکنیها
мо ро ба тамошой ҷаҳон дагар афаканд
паравоз баланди ба қафас парфакани-ҳо
الفت قفس زندگی پا به هواییم
باید چو نفس ساخت به غربت وطنیها
алафт қафас зандаги по ба ҳавойайам
бойд чу нафас сохт ба ғарабат ватани-ҳо
صیت نگهت یاد خم زلف ندارد
ترکان خطایی چه کمند از ختنیها
сит нагаҳат йод хам залаф надорад
таракон хтойай ча каманд аз хатани-ҳо
جان کند عقیق از هوس لعل تو لیکن
دور است بدخشان ز تلاش یمنیها
ҷон канд ъақиқ аз ҳус лаъал ту ликан
дур аст бадахашон з талош йамани-ҳо
بیپردگی جوهر راز است تبسم
ای غنچه مدر پیرهن گلبدنیها
бе-пардаги ҷуҳар роз аст табасам
эй ғанача мадар пираҳан гул-бадани-ҳо
از شمع مگویید و ز پروانه مپرسید
داغ است دل از غیرت این سوختنیها
аз шамъ магавайайд ва з паравона мапарсид
доғ аст дил аз ғирт ин сухатани-ҳо
جز خرده چه گیرد به لب بستهٔ بیدل
نامحرم خاصیت شیرین سخنیها
ҷуз харда ча гирд ба лаб баста бидел
номаҳарм хосит ширин сахани-ҳо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.