سخن شد داغ دل چون شمع از آتش بیانیها
سخن شد داغ دل چون شمع از آتش بیانیها
معانی مرد در دوران ما از سکته خوانیها
сахан шуд доғ дил чун шамъ аз оташ биони-ҳо
маъони мард дар дурон мо аз сакта хони-ҳо
طبیعت همعنان هرزهگویان تا کجا تازد
خیالم محو شد از کثرت مصرع رسانیها
табиъат ҳам-ъанон ҳарза-гавайон то каҷо тозд
хиолм маҳу шуд аз касарт масараъ рсони-ҳо
ز تشویش کجآهنگان گذشت از راستی طبعم
مگر این حلقهها بردارد از ره بیسنانیها
з ташавайаш каҷ-оҳангон газашт аз рости табаъам
магар ин ҳалқа-ҳо бардорд аз ра бе-санони-ҳо
ز استغنای آزادی چه لافد موج در گوهر
به معنی تخته است آنجا دکان ترزبانیها
з асатағаной озоди ча лофад мавҷ дар гуҳар
ба маъани тахта аст онҷо дакон тарзабони-ҳо
چه ریشد دستگاه فطرتم تار خیال اینجا
به اشکیل خران دارم تلاش ریسمانیها
ча ришад дастаго фатартам тор хаёл инҷо
ба ашакил харон дорм талош рисамони-ҳо
ز طاق افتاد مینای اشارات فلکتازی
هلال اکنون سپهر افکند ار ابروکمانیها
з тоқ афтод миной ашорот фалак-този
ҳалол аканун сапаҳар афаканд ар абарукамони-ҳо
نفس سرمایهای از لاف خودسنجی تبرا کن
مبادا دل شود سنگ ترازوی گرانیها
нафас сармойа-эй аз лоф ходасанҷи табаро кан
мабодо дил шуд санг тарозавай гарони-ҳо
به بیباکی زبان واکردهای، چون شمع و زین غافل
که میراند برون بزمت آخر نکتهرانیها!
ба бе-боки забон вокарда-эй, чун шамъ ва зин ғофал
ки мӣ-ронд барун базмат охар накта-рони-ҳо!
ز دعوی چند خواهی بر گردون منفعل بودن
قفس تنگ است جز بر ناله مفکن پرفشانیها
з даъавай чанд хоҳи бар гардун манафаъал будан
қафас танг аст ҷуз бар нола мафакан парфашони-ҳо
غرور رستمی گفتم به خاکش کیست اندازد
ز پاافتادگان گفتند: زور ناتوانیها
ғарур растами гафтам ба хокаш кист андозд
з пофтодагон гафтанд: зур нотавони-ҳо
سری در جیب دزدیدم، ز وهم خانومان رستم
ته بالم برآورد از غم بیآشیانیها
сари дар ҷиб даздидам,з ваҳм хон-вамон растам
та болм баровард аз ғам бе-ошиони-ҳо
تو ای پیری مگر بار نفس برداری از دوشم
گران شد زندگانی بر دل از یاد جوانیها
ту эй пири магар бор нафас бардори аз душм
гарон шуд зандагони бар дил аз йод ҷавони-ҳо
به ناموس حواسم چون نفس تهمتکش هستی
همه در خواب و من خون میخورم از پاسبانیها
ба номус ҳавосам чун нафас таҳамат-каш ҳастӣ
ҳама дар хоб ва ман хон мӣ-хурм аз посабони-ҳо
دنائت بس که شد امروز مغرور غنا بیدل
زمین هم بال وپر دارد به ناز آسمانیها
данойт бас ки шуд амаруз мағарур ғано бидел
замин ҳам бол вапар дорад ба ноз осамони-ҳо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- خواب
- خفتن و رؤیا؛ نشانهٔ غفلت در برابرِ بیداریِ دل.