هرجا روی ای ناله سلامی ببر از ما
هرجا روی ای ناله سلامی ببر از ما
یادش دل ما برد به جای دگر از ما
ҳараҷо равай эй нола саломи бабар азмо
йодаш дил мо бард ба ҷой дагар аз мо
امید حریف نفس سست عنان نیست
ما را برسانید به او پیشتر از ما
амид ҳариф нафас саст ъанон нест
мо ро барсонид ба ав пишатар аз мо
دل را فلک آخر به گدازی نپسندید
هیهات چه برسنگ زد این شیشهگراز ما
дил ро фалак охар ба-гадози напасандид
ҳиҳот ча барсанг зд ин шиша-гароз мо
تاکی هوس آوارهٔ پرواز توان زیست
یارب که جداکرد سر زیر پر از ما؟
токи ҳус овора паравоз тавон зист
йораб-ки ҷадокард сар зир пур аз мо?
آیینه به بر غافل از آن جلوه دمیدیم
جز ما نتوان یافتکسی را بتر از ما
оина ба бар ғофал аз он ҷалуа дамидим
ҷуз мо натавон йофт-каси ро батар аз мо
بیپردگی آیینهٔ آثار غنا نیست
عریانی ما برد کلاه وکمر از ما
бе-пардаги оина осор ғано нест
ъариони мо бард кало вакамар аз мо
گوهر ز قناعتگره طبع محیط است
ازکس دل پر نیست فلک را مگر از ما
гуҳар з қаноъат-гара табаъ маҳит аст
азакас дил пур нест фалак ро магар аз мо
کس آینه بر طاق تغافل نپسندد
از خود نگرفتی خبر ای بیخبر از ما
кас оина бар тоқ тағофал напасандад
аз худ нагарафти хабар эй бихабар аз мо
ما را ز درت جرأت دوری چه خیال است
صد مرحله دوراست درین ره جگراز ما
мо ро з дарт ҷарот дури ча хаёл аст
сад мараҳала дурост дарин ра ҷагароз мо
تا حشر درین بزم محال است توان برد
خلوت زتو و عالم بیرون در از ما
то ҳашар дарин базм маҳол аст тавон бард
халут зату ва олам бирун дар аз мо
عمریست وفا ممتحن ناز و نیاز است
نی تیغ ز دست تو جدا شد نه سر از ما
ъамари-ст вафо маматаҳан ноз ва ниоз аст
ни тиғ з даст ту ҷадо шуд на сар аз мо
زحمتکش وهمیم چه ادبار و چه اقبال
بیدل نتوانگفت شب از ما سحر از ما
заҳаматакаш ваҳамим ча адабор ва ча ақабол
бидел натавон-гафт шаб аз мо саҳар аз мо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- سحر
- سپیدهدم؛ زمان گشایش، دعا، بیداری و تغییر حال.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.