هرچند خودنمایی تخت و حشم نباشد
هرچند خودنمایی تخت و حشم نباشد
در عرض بیحیایی آیینه کم نباشد
ҳарачанд ходанамойай тахт ва ҳашм набошад
дар ъарз бе-ҳиойай оина-кам набошад
پیش از خیال هستی باید در عدم زد
این دستگاه خجلتکاو یک دو دم نباشد
пиш аз хаёл ҳастӣ бойд дар ъадам зд
ин дастаго хаҷалат-ков як ду дам набошад
موضوع کسوت جود دامنفشانیی هست
در بند آستینها دست کرم نباشد
музуъ-касут ҷуд доман-фашоний ҳаст
дар банд остин-ҳо даст карм набошад
از خوان این بزرگان دستی بشوی و بگذر
کانجا ز خوردنیها غیر از قسم نباشد
аз хон ин базарагон дасти башавай ва багазар
конҷо з хураданиҳо ғир аз қасам набошад
حیف است ننگ افلاس دامان مرد گیرد
تا ناخنیست در دست کس بیدرم نباشد
ҳиф аст нанг афалос домон мард гирд
то нохани-ст дар даст кас бе-дарм набошад
غفلت هزار رنگ است در کارگاه اجسام
چون چشم خواب پا را مژگان بهم نباشد
ғафалат ҳазор ранг аст дар кораго аҷасом
чун чашм хоб по ро мажагон баҳам набошад
بیانتظار نتوان از وصل کام دل برد
شادی چه قدر دارد جایی که غم نباشد
бе-анатазор натавон аз васал-ком дил бард
шоди ча қадар дорад ҷойай-ки ғам набошад
روزیدو، اینتب و تابباید غنمیت انگاشت
ای راحت انتظاران، هستی، عدم نباشد
рузи-ду, ин-таб ва тоб-бойд ғанамит ангошт
эй роҳат анатазорон, ҳастӣ, ъадам набошад
دل داغ سرنوشت است از انفعال تقدیر
تا سرنگون نگردد خط در قلم نباشد
дил доғ сарнушт аст аз анафаъол тақадир
то сарнагун нагардад хт дар қалм набошад
در عرصهای که بالد گرد ضعیفی ما
مژگان بلند کردن کم از علم نباشد
дар ъарса-эй ки болд гард заъифи мо
мажагон баланд кардан кам аз ъалм набошад
از ما سراغ ما کن، وهم دویی رها کن
جایی که ما نباشیم آیینه هم نباشد
аз мо сароғ мо кан, ваҳм давайай раҳо кан
ҷойай-ки мо набошим оина ҳам набошад
هر دم زدن در اینجا صدکفر و دین مهیاست
دل معبد تماشاست، دیر و حرم نباشد
ҳар дам задан дар инҷо садакафар ва дин маҳиост
дил маъабд тамошост, дир ва ҳарм набошад
از شاخ بید گیرید معیار بیبریها
کاین بار برندارد دوشی که خم نباشد
аз шох бид гирид маъиор бе-бариҳо
койан бор барнадорд души ки хам набошад
عمریست گوهر ما رفتهست از کف ما
این آبله ببینید زیر قدم نباشد
ъамари-ст гуҳар мо рафта-ст аз каф мо
ин обала бабинид зир қадам набошад
وحشتکمین نشستهست گرد هزار مجنون
مگذار پا به خاکم تا دیده نم نباشد
вҳашт-камин нашаста-ст гард ҳазор маҷанун
магазор по ба хокам то дида нам набошад
چو عمر رفته بیدل پر بینشان سراغم
جز دست سوده ما را نقش قدم نباشد
чу умр рафта бидел пур бе-нашон сароғам
ҷуз даст суда мо ро нақш қадам набошад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.