یاد ابروی کجی زد به دل ما ناخن
یاد ابروی کجی زد به دل ما ناخن
موج شد بهر جگر کاری دریا ناخن
йод абаравай каҷи зд ба дил мо нохан
мавҷ шуд баҳар ҷагар кори дарё нохан
سعی تردستی منعم چقدر پُر زور است
میشکافد جگر سنگ در این جا ناخن
саъи тардасти манаъам чақадар пур зур аст
мӣ-шакофад ҷагар санг дар ин ҷо нохан
غنچهای نیست که اوراق گلش در بر نیست
هر گره راست به صد رنگ مهیا ناخن
ғанача-эй нест ки авароқ галаш дар бар нест
ҳар гара рост ба сад ранг маҳио нохан
صورت قد دوتا حل معمای فناست
عقده بازست کنون کردهام انشا ناخن
сурт қад дуто ҳал маъамой фаност
ъақада бозаст канун карда-ам анашо нохан
بیتمیزان همه جا قابل بیرون درند
برکنارست ز هنگامهٔ اعضا ناخن
бе-тамизон ҳама ҷо қобал бирун дарнад
бараканораст з ҳангома аъазо нохан
خودسریها چقدر هرزه تلاش است اینجا
میرود رو به هوا با سر بی پا ناخن
ходасариҳо чақадар ҳарза талош аст инҷо
мӣ-руд ру ба ҳаво бо сар би по нохан
بی حسی بسکه در ین شوره زمین کاشتهاند
موی و دندان دمد از پیکر ما یا ناخن
би ҳаси басака дар йан шура замин кошта-анд
мавай ва дандон дамад аз пикар мо йо нохан
خلق بیکار ز بس شیفتهٔ سر خاریست
همچو انگشت نشاندهست به سرها ناخن
халқ бикор з бас шифта сар хори-ст
ҳамачу ангашт нашонда-ст ба-сараҳо нохан
گره رشته دگر عقدهٔ معنی دگر است
چه خیال است کند حل معما ناخن
гара рашта дагар ъақада маъани дагар аст
ча хаёл аст-канд ҳал маъамо нохан
موج این بحر فروماندهٔ وضع گهر است
نیست دل بستهٔ کاری که کند وا ناخن
мавҷ ин баҳар фарумонда вазаъ гаҳар аст
нест дил баста кори ки-канд во нохан
غافل از نشو و نما نیست کمین آفات
سربریدن نکند قطع وفا با ناخن
ғофал аз нашу ва намо нест-камин офот
сарабаридан наканд қатаъ вафо бо нохан
جوهر کارگشایی علم احسانهاست
میکند دست بلند از همه بالا ناخن
ҷуҳар корагашойай ъалм аҳасонаҳост
мекунад даст баланд аз ҳама боло нохан
بیدل از دولت دونان به تغافل بگذر
هیچ نگشاید اگر سرکشد از پا ناخن
бидел аз дулат дунон ба тағофал багазар
ҳич нагашойд агар саракашад аз по нохан
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- هیچ
- بودِ تهی و بیاعتبار؛ نشان نفی خود یا جهان گذرا.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.