آن سخا کیشان که بر احسان نظر واکردهاند
آن سخا کیشان که بر احسان نظر واکردهاند
ازگشاد دست و دل چشمی دگر واکردهاند
он сахо кишон-ки бар аҳасон назар вокарда-анд
азагашод даст ва дил чашми дагар вокарда-анд
سیر این گلزار غیر از ماتم نظاره چیست
دیدهها یکسر ز مژگان موی سر واکردهاند
сир ин-галазор ғир аз мотам назора чист
дида-ҳо йакасар з мажагон мавай сар вокарда-анд
صد مژه پا خورد ربطش تا ترا بیدار کرد
یک رگخوابت به چندین نیشتر واکرده اند
сад мажа по хурд рабаташ то таро бидор кард
як раг-хобат ба чандин нишатар вокарда анд
وضع مخمور ادب خفّت کش خمیازه نیست
یاد آغوشی که در موج گهر واکردهاند
вазаъ-махамур адаб хафт каш хамиоза нест
йод оғуши ки дар мавҷ гаҳар вокарда-анд
بیدلان را هرزه نفریبد غم دستار پوچ
چون حباب این قوم سر راهم ز سر واکرده اند
бидалон ро ҳарза нафарибд ғам дастор пуч
чун ҳабоб ин қум сар роҳам з сар вокарда анд
ساز موجیم از رم و آرام ما غافل مباش
این کمرها جمله دامن بر کمر وا کردهاند
соз муҷим аз рм ва ором мо ғофал мабош
ин-камараҳо ҷамала доман бар камар во карда-анд
نالهٔ ما زین چمن تمهید پرواز است و بس
بلبلان منقار پیش از بال و پر واکردهاند
нола мо зин чаман тамаҳид паравоз аст ва бас
балабалон манқор пиш аз бол ва пур вокарда-анд
عرض جوهر بر صفای آینه در بستن است
غافل آن قومی که دکان هنر واکردهاند
ъарз ҷуҳар бар сафой оина дар бастан аст
ғофал он қуми-ки дакон ҳанар вокарда-анд
پرتو شمع حقیقت خارج فانوس نیست
شوخچشمان روزنسنگ از شرر واکرده اند
парту шамъ ҳақиқат хораҷ-фонус нест
шух-чашмон-рузн санг аз шарар вокарда анд
موی پیری عبرت روز سیاه کس مباد
آه از آن شمعی که چشمش بر سحر وا کرده اند
мавай пири-ъабарт рӯз сио кас мабод
о аз он шамаъи ки чашмаш-бар саҳар во карда анд
تا نگردی دم دو تا قرب فنا روشن نشد
از تلاش پیریام یک حلقهٔ در واکرده اند
то нгарди дам ду то қараб фано рушан нашад
аз талош пири-ам як ҳалқа дар вокарда анд
ناتوانی بیدل از تشویش قدرت فارغ است
عقده در بیناخنیها بیشتر واکردهاند
нотавони бидел аз ташавайаш қадарт форағ аст
ъақада дар бе-ноханиҳо бишатар вокарда-анд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.