تا درین گلزار چون شبنم گذر داریم ما
تا درین گلزار چون شبنم گذر داریم ما
بادهای در جام عیش از چشم تر داریم ما
то дарабан-галазор чун шабанам-газар дорим мо
бода-эй дар ҷом ъиш аз чашм тар дорим мо
سهل نبود در محیط دهر پاس اعتبار
آبرویی چون گهر همراه سر داریم ما
саҳал набуд дар маҳит даҳар пос аъатабор
обаравайай чун-гаҳар ҳамаро сар дорим мо
چون صدا هرچند در دامقس واماندهایم
از شکست خاطر خود بال وپر داریم ما
чун садо ҳарачанд дар дом-қас вомонда-айам
аз шакаст хотар худ бол вапар дорим мо
کی به سیلگفتگو بنیاد ماگیرد خلل
کوه تمکین خانهای ازگوشکر داریم ما
ки ба сил-гафтагу баниод могирд халал
куа тамакин хона-эй азагуш-кар дорим мо
کس به تیغ سرکشی باما نمیگردد طرف
اززمینگیری چو نقش پا سپر داریم ما
кас ба тиғ саракаши бомо нами-гардад тарф
азазмингири чу нақш по сапар дорим мо
شعلهٔ ما فال خاکستر زد و آسوده شد
ای هوس بگذر، سری در زیر پر داریم ما
шаъала мо фол хокастар зд ва осуда шуд
эй ҳус багазар, сари дар зир пур дорим мо
رنگ ما از خاکساری برنمیدارد شکست
چون علم، گردی ز میدان ظفر داریم ما
ранг мо аз хокасори барнами-дорад шакаст
чун ъалм,гарди з мидон зафар дорим мо
از دل گرمی توان درکاینات آتش زدن
ساز چندینگلخنیم ویک شرر داریم ما
аз дил гарми тавон даракойанот оташ задан
соз чандин-галханим вайк шарар дорим мо
ناله را ای دل به باد غم مده این رشتهایست
کزپی شیرازهٔ لخت جگر داریم ما
нола ро эй дил ба-бодағам мада-ин рашта-эй-ст
казапи широза лахт ҷагар дорим мо
فتنهها از دستگاه زندگیگل کردنیست
از نفس، صبح قیامت در نظر داریم ما
фитна-ҳо аз дастаго зандаги-гул кардани-ст
аз нафас, субҳ қиёмат дар назар дорим мо
میرسیم آخر همان تا نقش پای خود چوشمع
گر سراغ رنگهای رفته برداریم ما
мӣ-рсим охар ҳамон то нақш пой худ чушамаъ
гар сароғ рангаҳой рафта бардорим мо
بیدل اندر جلوهگاه چین ابروی کسی
کشتی نظاره در موج خطر داریم ما
бидел анадар ҷалуа-го чин абаравай каси
кашти назора дар мавҷ хатар дорим мо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.