بس رشک قامت او سوخت سر تا پای سرو
بس رشک قامت او سوخت سر تا پای سرو
موج قمری ریخت از خاکستر اجزای سرو
бас рашак қомат ав сухт сар то пой сару
мавҷ қамари рихт аз хокастар аҷазой сару
پیکر آزادی و بار تحمل تهمتست
یک قلم دست تهی میروید از اعضای سرو
пикар озоди ва бор таҳамал таҳаматаст
як қалм даст таҳи мӣ-равайд аз аъазой сару
نالهٔ آزاد الفت پرور زنجیر نیست
طوق قمری تا کجا خالی نماید جای سرو
нола озод алафт парур занҷири нест
туқ қамари то каҷо холи намойд ҷой сару
نخوت آزادگی دود دماغکس مباد
یک رکگردن نمایانست سر تا پای سرو
нхот озодаги дуд дамоғ-кас мабод
як рак-гардан намойонаст сар то пой сару
نالهٔ درد طراوت آبیار دل نشد
این چمن بیآب ماند از نارساییهای سرو
нола дард тароват обиор дил нашад
ин чаман бе-об монд аз норсойайаҳой сару
شور حسن از ساز عاشق بشنو و خاموش باش
کوکوی قمریست اینجا قلقل مینای سرو
шур ҳасан аз соз ъошақ башану ва хомуш бош
кукавай қамарист инҷо қалқал миной сару
رنگ و بو هم قابل تشریف آزادی نبود
از تکلف دوختند این جامه بر بالای سرو
ранг ва бу ҳам қобал ташариф озоди набуд
аз такалаф духтанд ин ҷома бар болой сару
صفر در معنی الفها را یکی ده میکند
طوق قمری میفزاید قدر استغنای سرو
сафар дар маъани алафаҳо ро йки да мекунад
туқ қамари мӣ-фазойд қадар асатағаной сару
خاک بر سرکرده عشق و پای درگل ماند حسن
گر بهار این رنگ دارد حیف قمری وای سرو
хок бар саракарда ишқ ва пой дарагал монд ҳасан
гар бҳор ин ранг дорад ҳиф қамари вой сару
بیدل آخر خاک میگردد درین حرمانسرا
عارض رنگینگل تا قامت رعنای سرو
бидел охар хок мӣ-гардад дарин ҳармонасаро
ъорз рангин-гул то қомат раъаной сару
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- حسن
- زیبایی؛ جلوهٔ جمالِ معشوق و تجلیِ حُسنِ ازلی.