طوق چون فاخته، شیرازهٔ مشت پر ماست
طوق چون فاخته، شیرازهٔ مشت پر ماست
حلقهٔ دود، کمند کف خاکستر ماست
туқ чун фохта, широза машт пур мост
ҳалқа дуд,каманд каф хокастар мост
همچو خاک آینهٔ صورت اُفتادگیام
گرد نقش قدم راهروان جوهر ماست
ҳамачу хок оина сурт афтодаги-ам
гард нақш қадам роҳаравон ҷуҳар мост
بسکه چون تیر گذشت از بر ما عیش شباب
محو خمیاز چو آغوش کمان پیکر ماست
басака чун тир газашт аз бар мо ъиш шабоб
маҳу хамиоз чу оғуш-камон пикар мост
شوق غارتزده انجمن دیداریم
هرکجا آینهای خون شده چشم تر ماست
шуқ ғорт-зда анаҷаман дидорим
ҳаракаҷо оина-эй хон шада чашм тар мост
عجز، آیینهٔ واماندگی ما نشود
طایر شوخی رنگیم و شکستن پر ماست
ъаҷаз, оина вомонадаги мо нашуд
тойр шухи рангим ва шакастан пур мост
مست شوقیم، درین دشت، ز سرگردانی
گردبادیم و همینگردش سر ساغر ماست
маст шуқим, дарин дашт, з сарагардони
гардабодим ва ҳамин-гардаш сар соғар мост
کوتهی نیست، پریشانی ما را چون زلف
سایهٔ طالع آشفته ز مو بر سر ماست
кутаҳи нест, паришони мо ро чун залаф
сойа толаъ ошафта з му бар сар мост
آسمانگرم طواف دل ما میگردد
مرکز دور محیط آب رخ گوهر ماست
осмон-гарм тавоф дил мо мӣ-гардад
мараказ дур маҳит об рх гуҳар мост
از دلیران جنونتاز بساط یاسیم
قطع امید دو عالم برش خنجر ماست
аз далирон ҷанун-тоз басот йосим
қатаъ амид ду олам бараш ханҷар мост
راحت شمع به انداز گداز است اینجا
هرقدر پیکر ما آب شود بستر ماست
роҳат шамъ ба андоз гадоз аст инҷо
ҳарақадар пикар мо об шуд бастар мост
ما به یک صفحه ز صد نسخه فراغت داپم
دل آشفته اگر جمع شود دقتر ماست
мо ба як сафаҳа з сад насаха фароғат допам
дил ошафта агар ҷамаъ шуд дақатар мост
بسکه داریم درین باغکدورت بیدل
لالهسان آینه زنگارنشین در بر ماست
басака дорим дарин боғ-кадурт бидел
лола-сон оина зангоранашин дар бар мост
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.