جزو موزون اعتدال جوهر کل میشود
جزو موزون اعتدال جوهر کل میشود
چون شود مینا صدای کوه قلقل میشود
ҷазу музун аъатадол ҷуҳар кал мӣ-шуд
чун шуд мино садой-куа қалқал мӣ-шуд
جام الفت بسکه بر طاق نزاکت چیدهاند
دور لطف از باد برگشتن تغافل میشود
ҷом алафт басака бар тоқ назокт чида-анд
дур латаф аз бод барагаштан тағофал мӣ-шуд
درخور رفع تعلق عیش خرمن کن که شمع
خار پا چندان که میآرد برون گل میشود
дархор рафаъ таъалқ ъиш харман кан ки шамъ
хор по чандонака мӣ-орд барун-гул мӣ-шуд
عجز طاقت کرد ما را محرم امداد غیب
اختیار آنجا که درماند توکل میشود
ъаҷаз тоқат-кард мо ро маҳарм амадод ғиб
ахтиор онҷо ки дармонд тукал мӣ-шуд
امشبم در دل خیالت مست جام شرم بود
کز نم پیشانی من شیشه پُر مُل میشود
амашабам дар дил хиолат маст ҷом шарм буд
каз нам пишони ман шиша-пур мул мӣ-шуд
جرأت رفتار شمعم گر به این واماندگیست
رفته رفته نقش پا در گرد نم غل میشود
ҷарот рафтор шамаъам гар ба ин вомонадаги-ст
рафта рафта нақш по дар гард нам ғал мӣ-шуд
هرچه شد منسوب مجنون بیخروش عشق نیست
آهن ازگل کردن زنجیر بلبل میشود
ҳарача-шуд манасуб-маҷанун бе-харуш ишқ нест
оҳан азагал-кардан занҷири балабал мӣ-шуд
عافیت خواهی درین بزم از من و ما دم مزن
زبن هوای تند شمع عالمیگل میشود
ъофит хоҳи дарин базм аз ман ва мо дам мазн
забан ҳавой танд шамъ ъолми-гул мӣ-шуд
هرزهتاز گفتگو تا چند خواهی زیستن
گر نفس دزدی دو عالم یک تامل میشود
ҳарза-тоз гафтагу то чанд хоҳи зисатан
гар нафас дазди ду олам як томал мӣ-шуд
زینترقیهاکه دونان سر به گردون سودهاند
گاو و خر را آدمیگفتن تنزل میشود
зин-тарақиҳока дунон сар ба-гардун суда-анд
гов ва хар ро одами-гафтан таназал мӣ-шуд
از تبختر بر قفا مفکن وفاق حاضران
هر سخنکاینجا سر زلفاست کاکل میشود
аз табахтар бар қафо мафакан вафоқ ҳозарон
ҳар сахан-койанҷо сар залаф-аст кокал мӣ-шуд
با قد خم گشته بیدل مگذر از طوف ادب
آه از آن جنگی که میدانش سر پل میشود
бо қад хам-гашта бидел магазар аз туф адаб
о аз он ҷанги-ки мидонаш сар пал мӣ-шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- دم
- نفس یا لحظه؛ واحدی بسیار کوتاه از زمان و زندگی.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.