دل ز هر اندیشه با رجی مقابل میشود
دل ز هر اندیشه با رجی مقابل میشود
درخور تمثال این آینه بسمل میشود
дил з ҳар андиша бо раҷи мақобал мӣ-шуд
дархор тамасол ин оина басамал мӣ-шуд
آفت اشک است موقوف مژه برهم زدن
ربشهٔ ما گر بجنبد برق حاصل میشود
офт ашак аст муқуф мажа бараҳам задан
рабаша мо гар баҷанабд барақ ҳосал мӣ-шуд
لب فروبندیم تا رفع دوبی انشا کنیم
در میان ما و تو ما و تو حایل میشود
лаб фарубандим то рафаъ дуби анашо каним
дар мион мо ва ту мо ва ту ҳойал мӣ-шуд
گاه رحلت نیست تحریک نفس بی وحشتی
جهد رهرو بیشتر در قرب منزل می شود
го раҳалат нест таҳарик нафас бе-вҳашти
ҷаҳад раҳару бишатар дар қараб маназал мӣ шуд
خامشی را دام راحت کن که اینجا بحر هم
هر قدر دزدد نفس در خویش ساحل میشود
хомаши ро дом роҳат кан ки инҷо баҳар ҳам
ҳар қадар даздад нафас дар хеш соҳал мӣ-шуд
گرد بیقدری عروج دستگاه حاجت است
اعتبار رفته آب روی سایل میشود
гард биқадари ъаруҷ дастаго ҳоҷат аст
аъатабор рафта об равай сойал мӣ-шуд
آنقدر آبم ز ننگ منت ابنای دهر
کز ندامت خاک گر ریزم به سر گل میشود
онақадар обам з нанг манат абаной даҳар
каз ндомат хок гар ризм ба сар гул мӣ-шуд
دمگاه عشق خالی نیست از نخجیر حسن
حلقهٔ آغوش مجنون عرض محمل میشود
дамаго ишқ холи нест аз нахаҷир ҳасан
ҳалқа-оғуш маҷанун ъарз маҳамал мӣ-шуд
مرگ صاحبدل جهانی را دلیلکلفت است
شمع چون خاموش گردد داغ محفل میشود
мараг соҳаб-дил ҷаҳони ро далил-калафт аст
шамъ чун хомуш-гардад доғ маҳафал мӣ-шуд
عالمی را کلفت اندود تحیر کردام
با هزار آیینه یک آهم مقابل میشود
ъолми ро калафт-андуд таҳир кард-ам
бо ҳазор оина як оҳам мақобал мӣ-шуд
مژده ای بیدل که امشب از تغافلهای ناز
آرزوها باز خون میگردد و دل میشود
мажада эй бидел-ки амашаб аз тағофалаҳой ноз
орзуҳо боз хон мӣ-гардад ва дил мӣ-шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.