از کمال سرکشی عاجزترین عالمیم
از کمال سرکشی عاجزترین عالمیم
همچو مژگان پیش پایی تا به یاد آید خمیم
аз камол саракаши ъоҷазатарин ъолмим
ҳамачу мажагон пиш пойай то ба йод ойд хамим
ذرهایم اما پر است از ما جهان اعتبار
بیشی ما را حساب اینست کز هر کم کمیم
зара-айам амо пур аст аз мо ҷаҳон аъатабор
биши мо ро ҳасоб айанаст каз ҳар кам камим
بی وفاق آشفتگی میخندد از اجزای ما
در کتاب آفرینش جمله خط توأمیم
би вафоқ ошафтаги мӣ-хандад аз аҷазой мо
дар ктоб офаринаш ҷамала хт тавомим
عالم عجز و غرور از یکدگر ممتاز نیست
گر همه خاکیم و گر افلاک ناموس همیم
олам ъаҷаз ва ғарур аз йакадагар маматоз нест
гар ҳама хоким ва гар афалок номус ҳамим
تر دماغ انفعالیم از وفای ما مپرس
از تعین هر که پیشانی گشاید ما نمیم
тар дамоғ анафаъолим аз вафой мо мапарс
аз таъин ҳар ки пишони гашойд мо намим
حسن را آغوش عشق اقبال ناز دیگر است
او تماشا ما تحیر، او نگین ما خاتمیم
ҳасан ро оғуш ишқ ақабол ноз дигар аст
ав тамошо мо таҳир, ав нгин мо хотамим
کو جنون تا مست عریانی برآییم از لباس
ور نه دامن تا گریبان دستگاه ماتمیم
ку ҷанун то маст ъариони баройайам аз лабос
вар на доман то гарибон дастаго мотамим
غیر رسوایی چه دارد شهرت اقبال پوچ
گر علم گردیم چون سرهای کل بی پرچمیم
ғир расавойай ча дорад шаҳарт ақабол пуч
гар ъалм гардим чун сараҳой кал би парачамим
دستگاه کبر و ناز عاریت پیداست چیست
ما بچینی جمله فغفوریم با ساغر جمیم
дастаго кабар ва ноз ъорит пидост чист
мо бачини ҷамала фағафурим бо соғар ҷамим
زین شکایت انجمن سامان گوش کر کنید
پنبهای گر هست صد زخم زبان را مرهمیم
зин шакойт анаҷаман сомон гуш кар канид
панаба-эй гар ҳаст сад захам забон ро мараҳамим
مرده را بهر چه میپوشند چشم آگاه باش
خاک خلوتگاه اسرار است و ما نامحرمیم
марда ро баҳар ча мӣ-пушанд чашм ого бош
хок халутаго асарор аст ва мо номаҳармим
بیدل اینجا تیغ جرأت درکف کم فرصتیست
چون سحر قطع نفس کم نیست پر نازک دمیم
бидел инҷо тиғ ҷарот даракаф кам фарсати-ст
чун саҳар қатаъ нафас кам нест пур нозак дамим
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- سحر
- سپیدهدم؛ زمان گشایش، دعا، بیداری و تغییر حال.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.