هرگز به دستگاه نظر پا نمیرسد
هرگز به دستگاه نظر پا نمیرسد
کور عصاپرست به بینا نمیرسد
ҳарагаз ба дастаго назар по нами-расад
кур ъасопарсат ба бино нами-расад
هر طفل غنچه هم سبق درس صبح نیست
هر صاحبنفس به مسیحا نمیرسد
ҳар тафал ғанача ҳам сабақ дарс субҳ нест
ҳар соҳаб-нафас ба масиҳо нами-расад
گل خاک گشت و شوخی رنگ حنا نیافت
افسوس جبههای که به آن پا نمیرسد
гул хок-гашт ва шухи ранг ҳано ниофт
афасус ҷабҳа-эй ки ба он по нами-расад
این است اگر حقیقت نیرنگ وعدهات
ماییم و فرصتی که به فردا نمیرسد
ин аст агар ҳақиқат ниранг ваъада-ат
мойайам ва фарсати ки ба фардо нами-расад
از نقش اعتبار جهان سخت سادهایم
تمثال کس به آینهٔ ما نمیرسد
аз нақш аъатабор ҷаҳон сахт сода-айам
тамасол кас ба оина мо нами-расад
در جستجوی ما نکشی زحمت سراغ
جایی رسیدهایم که عنقا نمیرسد
дар ҷастаҷавай мо накаши заҳамат сароғ
ҷойай рсида-айам ки ъанқо нами-расад
ما را چو سیل خاک به سر کردن است و بس
تا آن زمان که دست به دریا نمیرسد
мо ро чу сил хок ба сар кардан аст ва бас
то он замон ки даст ба дарё нами-расад
آسودهاند صافدلان از زبان خلق
ازموج می شکست به مینا نمیرسد
осуда-анд софадалон аз забон халқ
азмуҷ мӣ шакаст ба мино нами-расад
یک دست میدهد سحر و شام روزگار
هیچ آفتی به این گل رعنا نمیرسد
як даст мӣ-даҳад саҳар ва шом рузагор
ҳич офти ба ин гул раъано нами-расад
در گلشنی که اوست چه شبنم، کدام رنگ
یعنی دعای بوی گل آنجا نمیرسد
дар галашани ки аваст ча шабанам, кадом ранг
йаъани даъой бавай-гул онҷо нами-расад
رمز دهان یار ز ما بیخودان مپرس
طبع سقیم ما به معما نمیرسد
рамаз даҳон йор з мо биходон мапарс
табаъ сақим мо ба маъамо нами-расад
زاهد دماغ توبه به کوثر رساندهای
معذور کاین خیال به صهبا نمیرسد
зоҳад дамоғ туба ба кусар рсонда-эй
маъазур койан хаёл ба саҳабо нами-расад
آخر به رنگ نقش قدم خاک گشتن است
آیینه پیش پا وکسی وانمیرسد
охар ба ранг нақш қадам хок-гаштан аст
оина пиш по вакаси вонами-расад
بیدل به عرض جوهر اسرار خوب و زشت
آیینهای به صفحهٔ سیما نمیرسد
бидел ба ъарз ҷуҳар асарор хоб ва зашт
оина-эй ба сафаҳа симо нами-расад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.