وحشتِ ما را تعلق رام نتوانست کرد
وحشتِ ما را تعلق رام نتوانست کرد
بادهٔ ما هیچکس در جام نتوانست کرد
вҳашт мо ро таъалқ ром натавонаст кард
бода мо ҳичакас дар ҷом натавонаст-кард
در عدم هم قسمت خاکم همان آوارگیست
مرگ، آغاز مرا انجام نتوانست کرد
дар ъадам ҳам қасамат хокам ҳамон овораги-ст
мараг, оғоз маро анҷом натавонаст кард
رحم کن بر حال محرومی که مانند سپند
سوخت اما نالهای پیغام نتوانست کرد
раҳам-кан бар ҳол маҳаруми-ки монанд сапанд
сухт амо нола-эй пиғом натавонаст кард
بینشانم لیک بالی از زبانها میزنم
ای خوش آن عنقا که ساز نام نتوانست کرد
бе-нашонам лик боли аз забон-ҳо мӣ-занам
эй хош он ъанқо ки соз ном натавонаст кард
آرزو خون شد ز استغنای معشوقان مپرس
من دعاها کردم او دشنام نتوانست کرد
орзу хон шуд з асатағаной маъашуқон мапарс
ман даъоҳо кардам ав дашаном натавонаст кард
در جنون بگذشت عمر زلف و آن چشم سیاه
یک علاج از روغن بادام نتوانست کرد
дар ҷанун багазашт умр залаф ва он чашм сио
як ъалоҷ аз руған бодом натавонаст кард
عمرها پر زد نفس اما به الفتگاه دل
مرغ ما پرواز جز در دام نتوانست کرد
ъамараҳо пур зд нафас амо ба алафтаго дил
марағ мо паравоз ҷуз дар дом натавонаст кард
باد صبحی داشت طوف دامنت اما چه سود
گرد ما را جامهٔ احرام نتوانست کرد
бод сабҳи дошт туф доманат амо ча суд
гард мо ро ҷома аҳаром натавонаст кард
نشئه خواهی آب کن دل را که اینجا هیچکس
بی گدازِ شیشه مِی در جام نتوانست کرد
нашиа хоҳи об кан дил ро ки инҷо ҳичакас
би гадози шиша мӣ дар ҷом натавонаст кард
در جنونزاری که ما حسرتکمین راحتیم
آسمان هم یک نفس آرام نتوانست کرد
дар ҷанун-зори ки мо ҳасарт-камин роҳатим
осмон ҳам як нафас ором натавонаст кард
گر دلت صاف است از مکروهی دنیا چه باک
قبح شخص آیینه را بدنام نتوانست کرد
гар далат соф аст аз макаруҳи данио ча бок
қабҳ шахас оина ро баданом натавонаст кард
آب زد بیدل به راهش عمرها چشم ترم
آن ستمگر یک نگه انعام نتوانست کرد
об зд бидел ба роҳаш ъамараҳо чашм тарм
он сатамагар як нга анаъом натавонаст кард
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- وحشت
- هراس و رمیدگی؛ گریزِ دلِ تنها از خلق بهسوی تنهایی.