میخورد خون، نفس اندر دل غم پیشهٔ ما
میخورد خون، نفس اندر دل غم پیشهٔ ما
جوهر تیغ بود خار و خس بیشهٔ ما
мӣ-хурд хон нафас анадар дил ғам пиша мо
ҷуҳар тиғ буд хор ва хас биша мо
بس که چون شمع به غم نشو و نما یافتهایم
شعله را موج طراوت شمرد ریشهٔ ما
бас ки чун шамъ ба ғам нашу ва намо йофта-айам
шаъала ро мавҷ тароват шмард риша мо
سختی دهر ز صبر دل ما زنهاریست
آب شد طاقت سنگ از جگر شیشهٔ ما
сахти даҳар з сабар дил мо занаҳори-ст
об шуд тоқат санг аз ҷагар шиша мо
قد خمگشته همان ناخن فرهاد غم است
سعی بیجاست به جز جانکنی ازتیشهٔ ما
қад хам-гашта ҳамон нохан фараҳод ғам аст
саъи биҷост ба ҷуз ҷон-кани азатиша мо
شغل رسوایی و مستوری احوال بلاست
کاش آرایش بازار دهد پیشهٔ ما
шағал расавойай ва мастури аҳавол балост
кош оройаш бозор даҳад пиша мо
شور زنجیر جنون از نفس ما پیداست
نکهت زلف که پیچیده بر اندیشهٔ ما
шур занҷири ҷанун аз нафас мо пидост
накаҳат залаф-ки пичида бар андиша мо
چشم امید نداریم ز کشت دگران
دل ما دانهٔ ما، نالهٔ ما، ریشهٔ ما
чашм амид ндорим з кашт дагарон
дил мо дона мо, нола мо, риша мо
خامشیها سبق مکتب بیتابی نیست
یک قلم ناله بود مشق نی پیشهٔ ما
хомаши-ҳо сабақ мактаб битоби нест
як қалм нола буд машақ ни пиша мо
نشئهٔ مشرب بیرنگی ازآن صافترست
که شود موج پری دُردِ تهِ شیشهٔ ما
нашиа машараб биранги азон софатараст
ки шуд мавҷ пари дард таҳи шиша мо
بیدل از فطرت ما قصر معانیست بلند
پایه دارد سخن از کرسی اندیشهٔ ما
бидел аз фтарт мо қасар маъони-ст баланд
пойа дорад сахан аз карси андиша мо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.