عاشقی مقدور هر عیاش نیست
عاشقی مقدور هر عیاش نیست
غمکشیدن، صنعت نقاش نیست
ъошақи мақадур ҳар ъиош нест
ғам-кашидан, санаъат нқош нест
حسن محجوبی که ما را داغ کرد
گر قیامت فاش گردد فاش نیست
ҳасан маҳаҷуби-ки мо ро доғ-кард
гар қиёмат фош гардад фош нест
گر شوی آگه، ز آداب حضور
محرم خورشید جز خفاش نیست
гар шавай ога, з одоб ҳазур
маҳарм хурашид ҷуз хафош нест
بینیازی، از تصنع فارغ است
بزم دل، گستردهٔ فراش نیست
бе-ниози, аз тасанаъ форағ аст
базм дил,гастарда фарош нест
گرد اوهام، اندکی باید نشاند
هستی آخر عرصهٔ پرخاش نیست
гард авҳом, анадаки бойд нашонд
ҳастӣ охар ъарса пархош нест
شش جهت فرش است استغنای فقر
مفلسی درهیچ جا قلاش نیست
шаш ҷаҳат фараш аст асатағаной фақар
мафаласи дараҳич ҷо қалош нест
با تکلف مرگ هم ذلت کشیست
ازکفن گر بگذری نباش نیست
бо такалаф мараг ҳам залат каши-ст
азакафан гар багазари набош нест
نُه فلک از شور بیمغزی پر است
این مکان جز گنبد خشخاش نیست
на фалак аз шур бе-мағази пур аст
ин макон ҷуз ганабд хашахош нест
چشم راحت چون نفس، از دل مدار
خانهٔ آیینهات شبباش نیست
чашм роҳат чун нафас, аз дил мадор
хона оина-ат шаб-бош нест
استقامت رفته گیر از ساز شمع
سرکشی با هر که باشد پاش نیست
асатақомат рафта-гир аз соз шамъ
саракаши бо ҳар ки бошад пош нест
ای هوس مهمان خوان زندگی
غصه باید خوردن اینجا آش نیست
эй ҳус маҳамон хон зандаги
ғаса бойд хурадан инҷо ош нест
در تغافلخانهٔ ابروی اوست
بی دل آن طاقی که نقشش قاش نیست
дар тағофалхона абаравай аваст
би дил он тоқи-ки нақашаш қош нест
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- حسن
- زیبایی؛ جلوهٔ جمالِ معشوق و تجلیِ حُسنِ ازلی.
- زندگی
- حیات و بودن؛ فرصتِ گذرا و میدانِ آزمونِ جان.
- غم
- اندوه؛ سرمایهٔ دلِ عاشق و همدمِ شبهای تنهایی.
- شور
- هیجان و جوش؛ نمادِ بیقراریِ عاشقانه و وجد.
- فلک
- آسمان و گردونِ روزگار؛ نمادِ سرنوشت و جفای چرخ.
- بزم
- مجلسِ شادی و باده؛ نمادِ محفلِ انس و حضور.