چشمش افکنده طرح بیدادم
چشمش افکنده طرح بیدادم
سرمه کو تا رسد به فریادم
чашмаш афаканда тараҳ бидодам
сарма-ку то расад ба фариодам
سَروْتُهمت قفس چه چاره کند
پا به گِل کردهاند آزادم
сарутуҳамат қафас ча чора-канд
по ба-гул карда-анд озодам
شبنم انفعال خاصیتم
همه آب است و خاک بنیادم
шабанам анафаъол хоситам
ҳама об аст ва хок баниодам
از فسون نفس مگوی و مپرس
خاک ناگشته میبرد بادم
аз фасун нафас магавай ва мапарс
хок ногашта мӣ-бард бодам
درد عشق امتحان راحت داشت
همچو آتش به بستر افتادم
дард ишқ аматаҳон роҳат дошт
ҳамачу оташ ба бастар афтодам
دلش آزادیام نمیخواهد
قفس است آرزوی صیادم
далаш озоди-ам нами-хоҳад
қафас аст оразавай сиодам
او دلم داد تا به خود نگرم
من هم آیینه در کَفَش دادم
ав дилам дод то ба худ нгарм
ман ҳам оина дар кафаш додам
خالیام از خود و پر از یادش
شیشهٔ مجلس پریزادم
холи-ам аз худ ва пур аз йодаш
шиша маҷалас пари-зодам
بیدماغانه نشکَنَد چه کند؟!
شیشه میخواست دل فرستادم
бе-дамоғона нашаканад ча канд?!
шиша мӣ-хост дил фарсатодам
نفسی هست جان کنی مفت است
تیشه دارم هنوز فرهادم
нафаси ҳаст ҷон-кани мафт аст
тиша дорм ҳануз фараҳодам
نظم و نثری که میکنم تحریر
به که در زندگی کند شادم
назм ва насари-ки мӣ-канам таҳарир
ба-ки дар зандаги-канд шодам
ورنه حیفست نقشم از پس مرگ
گل زند بر مزار بهزادم
варна ҳифаст нқашм аз пас мараг
гул занд бар мазор баҳазодам
این زمان هرچه دارم از من نیست
داشتم آنچه رفت از یادم
ин замон ҳарача дорм аз ман нест
дошатам онача рафт аз йодам
نیستی هم به داد من نرسید
مرگ مرد آن زمان که من زادم
нисти ҳам ба дод ман нарсид
мараг мард он замон-ки ман зодам
یأس من امتحان نمیخواهد
بیدلام، عبرتِ خدادادم
йос ман аматаҳон нами-хоҳад
бидел-ам, ъабарт хадододам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- شبنم
- رطوبت لطیف بامدادی؛ نماد لطافت، ناپایداری و اشک.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- عبرت
- پندگرفتن؛ درسِ بیداری از گذرِ روزگار و فنای جهان.
- زندگی
- حیات و بودن؛ فرصتِ گذرا و میدانِ آزمونِ جان.
- قفس
- زندانِ پرنده؛ کنایه از بندِ تن و گرفتاریِ جان.