ز فقر تا به شهادت شد آشنا انگشت
ز فقر تا به شهادت شد آشنا انگشت
بلند کرد نیستان بوریا انگشت
з фақар то ба шаҳодат шуд ошано ангашт
баланд кард нистон бурио ангашт
دمی که سجده به خاک درت اشارت کرد
چو آفتاب دمید از جبین ما انگشت
дами ки саҷада ба хок дарт ашорт кард
чу офтоб дамид аз ҷабин мо ангашт
به عرض حاجت ما نیست عجز بی زنهار
ز دست پیش فتادهست در دعا انگشت
ба ъарз ҳоҷат мо нест ъаҷаз бе-занаҳор
з даст пиш фтода-ст дар даъо ангашт
خطاست منکر اقبال کهتران بودن
توغافلی و دخیل است جا به جا انگشت
хтост манакар ақабол-каҳатарон будан
туғофали ва дахил аст ҷо ба ҷо ангашт
اگر مزاج بزرگان تفقدی میداشت
چراکناره گرفتی ز دست و پا انگشت
агар мазоҷ базарагон тафақади мӣ-дошт
чароканора гарфати з даст ва по ангашт
موافقت اگر آبین همدمی میبود
ز دستها ندمیدی جدا جدا انگشت
мавофақат агар обин ҳамадами мӣ-буд
з дастаҳо надамиди ҷадо ҷадо ангашт
به رنگ شمع در این معبد خیال گداز
هزار سبحه به سیلاب رفت با انگشت
ба ранг шамъ дар ин маъабд хаёл гадоз
ҳазор сабҳа ба силоб рафт бо ангашт
ز وضع قامت خم پاس زخم دل دارید
حذر خوش است ازبن ناخنآزما انگشت
з вазаъ қомат хам пос захам дил дорид
ҳазар хош аст азабан нохан-озмо ангашт
حضور عالم بیکار نیز شغلی داشت
نبرد لذت سر خاری از حنا انگشت
ҳазур олам бикор низ шағали дошт
набард лазат сар хори аз ҳано ангашт
درین بساط به صد گوشمال موت و حیات
ندید هیچکس از پنجهٔ قضا انگشت
дарин басот ба сад гушмол мут ва ҳиот
ндид ҳичакас аз панҷа қазо ангашт
هین تپانچه و مشتیست نقد غیرت مرد
عمود گیر گر افتاد نارسا انگشت
ҳин тапонача ва машти-ст нақад ғирт мард
ъамуд гир гар афтод норсо ангашт
تلاش روزی ما بس که غالب افتادهست
به زینهار برآورده آسیا انگشت
талош рузи мо бас ки ғолаб афтода-ст
ба зинаҳор бароварда осио ангашт
بلندی مژه آن را که هرچه پیش آرد
پی قبول گذارد به دیدهها انگشت
баланди мажа он ро ки ҳарача-пиш орд
пи қабул-газорд ба дида-ҳо ангашт
محال بود بر اسباب پا زدن بیدل
به پشت دست نزد ناخن از حیا انگشت
маҳол буд бар асабоб по задан бидел
ба пашт даст назд нохан аз ҳио ангашт
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- حیا
- شرم و آزرم؛ پردهٔ ادب و حجابِ جمالِ معشوق.
- وضع
- حالت و رفتار؛ هیئت و شیوهٔ بودن در جهان.