کسی چه شکر کند دولت تمنا را
کسی چه شکر کند دولت تمنا را
به عالمی که تویی ناله میکُشد ما را
каси ча шакар канд дулат тамано ро
ба ъолми-ки тавайай нола мӣ-кашад мо ро
ندارد انجمن یأس ما شراب دگر
هم از شکست مگر پُر کنیم مینا را
надорад анаҷаман йос мо шароб дагар
ҳам аз шакаст магар пур каним мино ро
به عالمی که حلاوت نشانهٔ ننگ است
دونیم چون نشود دل ز غصه خرما را
ба ъолми-ки ҳаловат нашона нанг аст
дуним чун нашуд дил з ғаса хармо ро
هنوز ارهٔ دندان موج در نظر است
گهر به دامن راحت چسان کِشد پا را
ҳануз ара дандон мавҷ дар назар аст
гаҳар ба доман роҳат часон-кашад по ро
درشتخو چه خیال است نرمگو باشد؟
شرارخیزی محض است طبعِ خارا را
дарашт-хо ча хаёл аст нарм-гу бошад?
шарорхизи маҳаз аст табаъ хоро ро
سلامت آینهٔ اعتبار امکان نیست
شکستهاند به صد موج رنگ دریا را
саломат оина аъатабор амакон нест
шакаста-анд ба сад мавҷ ранг дарё ро
صفای دل به کدورت مده ز فکر دویی
که عکس، تنگ بر آیینه میکند جا را
сафой дил ба-кадурт мада з факар давайай
ки ъакас, танг бар оина миканд ҷо ро
برون لفظ محال است جلوهٔ معنی
همان ز کسوتِ اسما طلب مسما را
барун лафаз маҳол аст ҷалуа маъани
ҳамон з касути асамо талаб масамо ро
رسیدهایم ز اسما به فهم معنی خویش
گرفتهایم ز عنقا سراغ عنقا را
рсида-айам з асамо ба фаҳам маъани хеш
гарфата-айам з ъанқо сароғ ъанқо ро
هزار معنیِ پیچیده در تغافل توست
به ابروی تو چه نسبت زبان گویا را
ҳазор маъани пичида дар тағофал туст
ба абаравай ту ча насабат забон гавайо ро
سبکروان به هوایت چنان ز خود رفتند
که چون نفس نرساندند بر زمین پا را
сабакаравон ба ҳавойт чанон з худ рафтанд
ки чун нафас нарсонданд бар замин по ро
همیشه تشنهلب خون ما بوَد بیدل
چو شیشه هر که به دست آورد دل ما را
ҳамиша ташана-лаб хон мо буд бидел
чу шиша ҳар ки ба даст овард дил мо ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.