نقطهٔ دلگرد خودگشت و خط پرگار شد
نقطهٔ دلگرد خودگشت و خط پرگار شد
گردش این سبحه تا هموار شد زنار شد
нақата дил-гард ходагашт ва хт парагор шуд
гардаш ин сабҳа то ҳамавор шуд знор шуд
ساز استعداد این محفل تحیر نغمه بود
قلقل مینا به طبع زاهد استغفار شد
соз асатаъадод ин маҳафал таҳир нағама буд
қалқал мино ба табаъ зоҳад асатағафор шуд
صفحهای در یاد آن برق نگاه آتش زدم
شوخی یک نرگسستان چشمکم بیدار شد
сафаҳа-эй дар йод он барақ нго оташ задам
шухи як нарагасастон чашмакам бидор шуд
زان لب خندان به خاکم آرزوها خفته است
چون سحر خواهد غبار من تبسم زار شد
зон лаб хандон ба хокам орзуҳо хафта аст
чун саҳар хоҳад ғубор ман табасам зор шуд
ناله گل ناکرده نگذشتم ز عبرتگاه دل
تنگی این کوچهام چون نی خرامافشار شد
нола гул нокарда нагазаштам з ъабартаго дил
танги ин куча-ам чун ни харом-афашор шуд
جز غرور ما و من این دشت پالغزی نداشت
تا نفس در لب شکستم راه دل هموار شد
ҷуз ғарур мо ва ман ин дашт полағази ндошт
то нафас дар лаб шакастам ро-дил ҳамавор шуд
حسرت پرواز رنگ دستگاه ناله ریخت
بال و پر تا فالی از خمیازه زد منقار شد
ҳасарт паравоз ранг дастаго нола рихт
бол ва пур то фоли аз хамиоза зд манқор шуд
شور دلهای گرفتار از اثر نومید نیست
در خم آن زلف خواهد شانه موسیقار شد
шур далаҳой гарфатор аз асар нумид нест
дар хам он залаф хоҳад шона мусиқор шуд
آرزو در دل شکستم خواب راحت موج زد
موی این چینی به فرقم سایهٔ دیوار شد
орзу дар дил шакастам хоб роҳат мавҷ зд
мавай ин чини ба фарақам сойа дивор шуд
از نفس جمعیت کنج عدم بر هم زدم
جرأتی لغزید در دل خواب پا رفتار شد
аз нафас ҷамаъит канҷ ъадам бар ҳам задам
ҷароти лағазид дар дил хоб по рафтор шуд
مشت خاکم تا کجاها چید خشت اعتبار
کز بلندی جانب پا دیدنم دشوار شد
машт хокам то каҷоҳо чид хашт аъатабор
каз баланди ҷонаб по диданам дашавор шуд
خاطرم از کلفت افسانهٔ هستی گرفت
چشم میپوشم کنون گرد نفس بسیار شد
хотарм аз калафт афасона ҳастӣ гарфат
чашм мӣ-пушм канун гард нафас басиор шуд
جام در خون زن چو گل بیدل دگر ابرام چیست
در بساط رنگ نتوان بیش از این مختار شد
ҷом дар хон зн чу гул бидел дагар абаром чист
дар басот ранг натавон биш аз ин махтор шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.