صبحی به گوش عبرتم از دل صدا رسید
صبحی به گوش عبرتم از دل صدا رسید
کای بیخبربه ما نرسید آنکه وارسید
сабҳи ба-гуш ъабартам аз дил садо рсид
кой бихабараба мо нарсид онака ворсид
دریاست قطرهای که به دریا رسیده است
جز ما کسی دگر نتواند به ما رسید
дариост қатара-эй ки ба дарё рсида аст
ҷуз мо каси дагар натавонд ба мо рсид
سعی نفس ز دل سر مویی نرفت پیش
جایی که کس نمیرسد این نارسا رسید
саъи нафас з дил сар мавайай нарфат пиш
ҷойай-ки кас нами-расад ин норсо рсид
مزد فسردنی که به خاکم قدم زند
یاد قدت به سیر بهارم عصا رسید
мазд фасардани-ки ба хокам қадам занд
йод қадат ба сир бҳорм ъасо рсид
آسودگی به خاکنشینان مسلم است
این حرفم از صدای نی بوربا رسید
осудаги ба хок-нашинон масалм аст
ин ҳарфам аз садой ни бурабо рсид
دنیا که تاج کجکلهان نقش پای اوست
بر ما غبار ریخت که تا پشت پا رسید
данио ки тоҷ каҷ-калаҳон нақш пой аваст
бар мо ғубор рихт-ки то пашт по рсид
طبع ترا مباد فضول هوس کند
میراث سایهای که ز بال هما رسید
табаъ таро мабод фазул ҳус-канд
мирос сойа-эй ки з бол ҳамо рсид
عشاق دیگر از که وفا آرزو کنند
دل نیز رفته رفته به آن بیوفا رسید
ъашоқ дигар аз ки вафо орзу кананд
дил низ рафта рафта ба он бе-вафо рсид
چون نالهای که بگذرد از بند بند نی
صد جا نشست حسرت دل تا به ما رسید
чун нола-эй ки багазард аз банд банд ни
сад ҷо нашаст ҳасарт дил то ба мо рсид
تا وادی غبار نفس طی نمیشود
نتوان به مقصد دل بی مدعا رسید
то води ғубор нафас ти нами-шуд
натавон ба мақасад дил би мадаъо рсид
بر غفلت انفعال و به آگاهی انبساط
برهرکه هرچه میرسد ازمصطفا رسید
бар ғафалат анафаъол ва ба огоҳи анабасот
бараҳарака ҳарача мӣ-расад азамастафо рсид
از خود گذشتنیست فلک تازی نگاه
تا نگذری زخود نتوان هیچ جا رسید
аз худ газаштани-ст фалак-този нго
то нагазари заход натавон ҳич ҷо рсид
خون دلی به دیده بیدل مگر نماند
کز بهر پایبوس تو رنگ حنا رسید
хон дали ба дида бидел магар намонд
каз баҳар пой-бус ту ранг ҳано рсид
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.