صاحب خلق حسن، گلها به دامن داشتهست
صاحب خلق حسن، گلها به دامن داشتهست
چرب و نرمی درطبایع، آب و روغن داشتهست
соҳаб халқ ҳасан,галаҳо ба доман дошта-ст
чараб-ва нарми-дартабойаъ,об-ва руған дошта-ст
با دل جمع آشنا شو از پریشانی برآ
در بهار نادمیدن دانه خرمن داشتهست
бо дил ҷамаъ ошано шу аз паришони баро
дар бҳор нодамидан дона харман дошта-ст
وصلخواهی زینهار از فکر راحت قطع کن
وادی عشاق منزل نام رهزن داشتهست
васал-хоҳи зинаҳор аз факар роҳат қатаъ-кан
води ъашоқ маназал ном раҳазн дошта-ст
بینشانی همتان از هرچهگویی برترند
منظر این شاهبازان یک نشیمن داشتهست
бе-нашони ҳаматон аз ҳарача-гавайай бартаранд
маназар ин шоҳабозон як нашиман дошта-ст
آفت جانکاه دارد برگ و ساز اعتبار
شمع از پهلوی چرب خویش دشمن داشتهست
офт ҷонако дорад бараг ва соз аъатабор
шамъ аз паҳалавай чараб хеш дашман дошта-ст
زیرگردون سود و سودای همه با گردش است
این دکان، سنگ ترازو در فلاخن داشتهست
зирагардун-суд ва судой-ҳама бо гардаш аст
ин дакон, санг тарозу дар фалохан дошта-ст
داغم از زیر و بم ساز خیال آهنگ عشق
هم خودش میفهمد آن حرفی که با من داشتهست
доғам аз зир ва бам соз хаёл оҳанг ишқ
ҳам ходаш-мӣ-фаҳамадон-ҳарфи ки бо ман дошта-ст
کاروان عمر را یک نقش پا دنباله نیست
شوخی رفتار ما، بیرشته سوزن داشتهست
коравон умр ро як нақш по данабола нест
шухи рафтор мо, бе-рашта сузн дошта-ст
چیست مغروری ز فکر خویش غافل زبستن
ازگریبان آنکه سر برداشت گردن داشتهست
чист мағарури з факар хеш ғофал забастан
азагарибон онака сар бардошт гардан дошта-ст
جانکنی در عجز و طاقت ناگزیر آدمیست
از نگین تا قبر، این فرهادکندن داشتهست
ҷонакани дар ъаҷаз ва тоқат ногазир одами-ст
аз нгин то қабар, ин фараҳодакандан дошта-ст
همت عیش و الم بر دل مبندید از ثبات
هرچه دارد خانهٔ آیینه رفتن داشتهست
ҳамат ъиш ва алм бар дил мабандид аз сабот
ҳарача дорад хона оина рафтан дошта-ст
آتش افتادهست بیدل در قفای کاروان
گلشن ما آنچه دارد باب گلخن داشتهست
оташ афтода-ст бидел дар қафой коравон
галашан мо онача дорад боб-галхан дошта-ст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.